Lakhpati Didi Yojana : देशभर में किसानों को नकली और घटिया किस्म की कृषि इनपुट से मुक्ति देने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की शुरुआत की है। इसी निमित में कृषि भवन, नई दिल्ली में दो अहम समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इन दोनों समझौतों का मकसद है कि किसानों की परेशानियों का समाधान करने के साथ ग्रामीण महिलाओं, विशेषकर लखपति दीदियों की आय बढ़ाना है। आए जानें आगे विस्तार से…
डाक विभाग और कृषि मंत्रालय के बीच समझौता (Lakhpati Didi Yojana)
दरअसल्, पहला समझौता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और डाक विभाग के मध्य किया गया है। इसका मुख्य मकसद है कि बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसे कृषि इनपुट के सैंपलों की सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद ढुलाई सही करना है। अब इन सैंपलों को टैंपर-प्रूफ पैकिंग में बारकोड और क्यूआर कोड के साथ रिसर्च लैब तक भेजा जाएगा। इस डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था से सैंपलों की पूरे सफर पर नजर रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की छेड़छाड़ या देरी की उम्मीदे बेहद कम हो जाएगी।

नए सिस्टम से सैंपलों की फेसलेस और ट्रेसलेस ढुलाई होगी (Lakhpati Didi Yojana)
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान के मुताबिक, किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा घटिया बीज, खाद और कीटनाशक हैं, जिनसे उनकी फसल और आय दोनों को नुकसान होता है। नए सिस्टम से सैंपलों की फेसलेस और ट्रेसलेस ढुलाई होगी, जिससे लैब रिपोर्ट समय पर और भरोसेमंद तरीके से मुहैया हो सकेगी। इससे मिलावटखोरों और नकली इनपुट बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना सरल होगा।
मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई (Lakhpati Didi Yojana)
शिवराज सिंह चौहान ने क्लियर किया है कि केंद्र सरकार पेस्टिसाइड एक्ट (Pesticide Act) और सीड एक्ट (Seed Act) के तहत घटिया कृषि इनपुट बेचने वालों पर कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू करने की राह में तेजी से कार्य कर रही है। डाक विभाग के मजबूत और व्यापक लॉजिस्टिक नेटवर्क के तहत देशभर की निर्माण इकाइयों, डीलरों और बाजारों से लिए गए सैंपल निर्धारित रिसर्च लैब तक सुरक्षित रूप से पहुंचाए जाएंगे। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट मिलेंगे और कृषि उत्पादन में सुधार आएगा।

ग्रामीण बहनों-दीदियों की आय बढ़ाने के लिए दूसरा एमओयू (MoU)
दूसरा अहम समझौता ग्रामीण विकास मंत्रालय, डाक विभाग और DAY-NRLM (दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के मध्य हुआ है। इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का विस्तार करना है। इस पहल से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण बहनों-दीदियों को डायरेक्ट फायदा मिलेगा। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार देश में 2 करोड़ से ज्यादा लखपति दीदियां गरीबी उन्मूलन की सशक्त नींव हैं। नए समझौते के जरिए बीसी सखी मॉडल को डाक विभाग के विशाल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे गांव-गांव और घर-घर तक बैंकिंग सर्विसें पहुंचेंगी और महिलाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। संभावित है कि इस मॉडल से बीसी सखियों की आय में 15 से 30 हजार रुपए प्रतिमाह तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की निर्णायक भूमिका (Lakhpati Didi Yojana)
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक लास्ट-माइल डिलीवरी को सशक्त करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। इस नियोजना के अनुसार संबंधित कर्मियों को ट्रेनिंग, टैबलेट, पीओएस मशीन और आवश्यक सर्टिफिकेशन मुहैया कराया जाएगा। पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, कैश ट्रांसफर और अन्य वित्तीय सेवाएं अब ग्रामीण क्षेत्रों तक और ज्यादा प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी।

दोनों समझौतों से किसानों को मिलेगी मजबूती (Lakhpati Didi Yojana)
दोनों मंत्रियों ने इन पहलों यानि समझौताओं कों “होल ऑफ गवर्नमेंट (Whole of Government)” दृष्टिकोण का मजबूत उदाहरण बताया। उनके अनुसार, कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर देश की लगभग 70 फीसदी आबादी को नई सशक्ति देंगे। यह पहल पीएम नरेंद्र मोदी के डेवलप, आत्मनिर्भर और गरीबी-मुक्त भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने की राह में एक बड़ा फैसला है। कुल मिलाकर इन दो समझौतों से जहां किसानों को नकली और घटिया कृषि इनपुट से मुक्ति मिलेगी, वहीं ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और ज्यादात्तर आय के नए मौके मिलेंगे। इससे लखपति दीदी योजना को भी नई रफ्तार मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।













