Labour Code 2025 : नई श्रम संहिता के नियमों को लेकर देशभर में मजदूरों संशय बना हुआ है, कहीं सरकार का विरोध भी शुरु होने लगा है। वैसे नई श्रम संहिता के अमल में आने पर 40 करोड़ से ज्यादा असंगठित सेक्टर के श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी हो जाएगी। एसबीआइ का अनुमान है कि नयी श्रम संहिता पर अमल के बाद असंगठित सेक्टर के श्रमिकों के वेतन में प्रतिदिन 95 रुपए तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी प्रतिमाह करीब 3000 रुपए होंगे।
देश के मुख्य अर्थशास्त्रियों का कहना है कि श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी से उनकी खपत भी बढ़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्टर मिलेगा। हालांकि श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ने और ग्रेच्युटी के नियम में बदलाव से प्रतिष्ठानों की लागत भी बढ़ेगी।

40 करोड़ श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी और नए नियम (Labour Code 2025)
- पाठकों को बता दें कि अभी ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम पांच वर्ष की नौकरी जरुरी है, परंतु नई संहिता के लागू होने पर अनुबंध पर एक वर्ष काम करने पर ही श्रमिकों को ग्रेच्युटी का भुगतान करना होगा।
- दूसरा अभी ग्रेच्युटी बेसिक वेतन के आधार पर दी जाती है जबकि नए नियम लागू होने पर कुल वेतन के आधार पर दी जाएगी।
- दरअसल् स्थायी और गैर स्थायी दोनों प्रकार के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करने से भी प्रतिष्ठानों की लागत बढ़ेगी।
- नई श्रम संहिता (Labour Code 2025) के तहत केंद्र सरकार देश भर के श्रमिकों के लिए एक फ्लोर मजदूरी या वेतनमान तय करने जा रही है और कोई भी राज्य उस फ्लोर मजदूरी से कम वेतन अपने श्रमिकों को नहीं दे सकेगा।
- फ्लोर मजदूरी का नियम ऑफिस, दुकान या किसी निजी प्रतिष्ठान में काम करने वाले सभी प्रकार के श्रमिकों के लिए लागू होगा। अगले तीन माह के अंदर फ्लोर मजदूरी तय हो जाएगी।
- अभी हर राज्य अपने-अपने राज्य के लिए भिन्न-भिन्न न्यूनतम वेतन तय करता है। अभी राजस्थान में गैर कुशल श्रमिकों की प्रतिमाह न्यूनतम सैलरी 8 हजार रुपए से भी कम है।
नई श्रम संहिता से नियमों में बदलाव
- फिलहाल् बिहार, पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गैर कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी प्रतिमाह 11,000-12000 रुपए के बीच है।
- वहीं दिल्ली में यह गैर कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी प्रतिमाह 18,000 से ज्यादा है।
- केंद्र की ओर से फ्लोर मजदूरी तय होने के बाद सभी राज्यों में एक जैसी न्यूनतम मजदूरी हो सकती है।
- नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा के अनुसार अब सभी प्रकार के श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना जरुरी होगा।
- नए नियमों (Labour Code 2025) के तहत श्रमिकों के पास उन्हें नौकरी करने और वेतन पाने का लिखित सबूत होगा।
- अभी केवल अनुसूचित औद्योगिक इकाइयों में ही न्यूनतम वेतन का नियम लागू होता था, अब सभी जगहों पर होगा।
- 29 श्रम संहिता को चार संहिता में बदलने से निवेश में इजाफा होगा जिससे नए रोजगार निकलेंगे।

ग्रेच्युटी बढ़ने से लागत बढ़ेगी
फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो, स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज (फिस्मे) के महासचिव के अनुसार, नई संहिता से उद्यमियों को विभिन्न प्रकार के नियम अनुपालन से तो राहत मिलेगी, मगर वेतन व ग्रेच्युटी बढ़ने से उनकी लागत बढ़ेगी।
इस बिल में सरकार के समक्ष अपने विचार रखने के लिए सदस्य इकाइयों से विमर्श कर रहा है। श्रम मंत्रालय के मुताबिक अगले तीन माह तक फ्लोर मजदूरी को अधिसूचित कर दिया जाएगा।
बता दें कि, इन नए नियमों (Labour Code 2025) के तहत नई संहिता में उद्यमी 300 से कम कर्मचारी वाली यूनिट को बिना सरकार की अनुमति के कभी भी बंद कर सकते है। हालांकि अभी यह संख्या 100 है। बंद करने के नियम में सख्ती से कई बार उद्यमी आर्डर मिलने पर भी नई यूनिट नहीं लगाते थे।













