Jind Health : बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब नागरिक अस्पताल में आने वाले हर बच्चे की टीबी जांच की जाएगी। खासकर कुपोषित बच्चों के मामले में विशेष ध्यान देने के निर्देश स्वास्थ्य निदेशालय की तरफ से जारी किए गए हैं। इसके लिए एनआरसी यानी गैस्ट्रिक एस्पिरेट और इंड्यूस्ड स्पुतम (आइएस) प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण जिला स्तर व राज्य स्तर पर दिलाया जाना अनिवार्य है। पोषण पुनर्वास केंद्र यानी एनआरसी के तहत कमजोर आबादी के बीच टीबी की रोकथाम के लिए विशेष कदम उठाने होंगे।
बाल चिकित्सा टीबी पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए (Jind Health)
बच्चों को पोषित भोजन के लिए आवश्यक सलाह जरूरी है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में टीबी को खत्म करना है। स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक द्वारा जारी आदेशों में कहा गया कि बाल चिकित्सा टीबी पर हाल ही में हुई राज्य निगरानी समिति की बैठक में इस संदर्भ में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया है कि कम आबादी वाली क्षेत्रों में एनआरसी के तहत टीबी की रोकथाम और शीघ्र निदान होना जरूरी है।

टीबी के अलावा अन्य जांच भी जरूरी (Jind Health)
अस्पताल में आने वाले हर कुपोषित बच्चे की टीबी जांच जरूरी होगी। जो भी बच्चे कुपोषित होंगे, उनको संभावित टीबी का मरीज माना जाएगा। इसके लिए सभी कुपोषित बच्चों के लक्षण और संकेतों के आधार पर टीबी के अलावा अन्य जांच भी जरूर होनी चाहिए। इसके लिए बच्चों के सैंपल गैस्ट्रिक एस्पिरेट यानी जीए के माध्यम से एकत्र करने होंगे और टीबी उन्मूलन के लिए जांच की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक ने कहा कि जीए और आइएस प्रक्रिया के लिए सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण किया जाना जरूरी है।
यह प्रशिक्षण पहले जिला स्तर पर और बाद में राज्य स्तर हो होना जरूरी है। बच्चों में टीबी उन्मूलन के लिए बाल स्वास्थ्य हितधारकों और एनटीईपी के बीच अंतरविभागीय समन्वय जरूरी है। हर कर्मचारी को इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि वह बच्चे को देखते ही यह बता सके कि यह कुपोषित है या नहीं। इसके बाद तुरंत उसकी जांच की जाए।
कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखा जा रहा : डॉ. रघुवीर पूनिया (Jind Health)
नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. रघुवीर पूनिया ने कहा कि कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इन सभी बच्चों की टीबी जांच की जा रही है। जो कर्मचारी बाल रोग विभाग में कार्यरत हैं, उनको आपसी समन्वय रखने के खास निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को लेकर अभिभावकों की विशेष काउंसलिंग की जाती है ताकि बच्चों को दिया जाने वाला भोजन संतुलित हो।एनआरसी के तहत सभी कर्मचारियों को जीए और आइएस प्रक्रिया के तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है।










