Jind development works : जींद जिले में साल 2026 में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पूरे होंगे। जिससे जिला वासियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इनमें मुख्य रूप से अमृत भारत योजना के तहत जींद व नरवाना में बने रेलवे जंक्शन भवन, भिवानी रोड अंडरपास, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में बनी आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी शामिल हैं। एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण चल रहा है। इसका कार्य भी इस साल पूरा होने की उम्मीद है। वहीं लंबे समय से खस्ताहाल जींद- पानीपत मार्ग के चौड़ीकरण का काम भी शुरू होगा।
हैबतपुर गांव में मेडिकल कालेज (Jind medical college) में ओपीडी शुरू हो चुकी हैं। हालांकि डेपुटेशन पर नागरिक अस्पताल से डाक्टर भेजे गए हैं। नए साल में यहां डाक्टरों व स्टाफ की नियुक्ति होने व इन्फ्रा की व्यवस्था होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही एमबीबीएस कोर्स के लिए कक्षाएं भी इसी साल शुरू होने की संभावना है। वहीं जींद व सोनीपत के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी। जींद में हाइड्रोजन प्लांट बनकर तैयार हो चुका है।

शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विधानसभा डिप्टी स्पीकर डा. कृष्ण मिढ़ा ने रानी तालाब, अर्जुन स्टेडियम, नेहरू पार्क गुरुद्वारा की आपस में कनेक्टिविटी करने के लिए कोरिडोर बनाने के लिए नगर परिषद को प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए थे। वहीं रानी तालाब (Jind rani talab corridor) के पास खाली पड़ी नगर परिषद की जमीन पर मल्टीपर्पज हाल बनाने की भी योजना है, जिसमें अंडरग्राउंड पार्किंग, आडिटोरियम सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। साल 2026 में ये प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सकते हैं।
Jind development works : 50 करोड़ से बने जींद व नरवाना रेलवे जंक्शन का होगा उद्घाटन
जींद : अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 50 करोड़ की लागत से जींद व नरवाना रेलवे जंक्शन भवनों का निर्माण (Jind railway junction) किया गया है। इन भव्य भवनों का जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्घााटन कर सकते हैं। पिछले दिनों डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने दोनों भवनों का निरीक्षण किया किया था। नए भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। जींद जंक्शन के प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाकर उन पर शेड लगाए गए हैं। प्लेटफार्म पर ग्रेनाइट पत्थर लगाया गया है।
स्वचालित सीढ़ियां, कोच इंडीकेटर, अनाउंस सिस्टम, 12 मीटर चौड़ाई का फुट ओवरब्रिज, लिफ्ट, भव्य बुकिंग आफिस, एसी वेटिंग रूम, कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। दिव्यांगों को परेशानी न हो, इसके लिए रैंप की भी व्यवस्था की गई है। वाहनों के लिए अलग अलग पार्किंग व आने-जाने के रास्तों की चौड़ाई बढ़ाकर उन्हें सीसी से पक्का किया गया है। वन स्टेशन वन प्रोडक्ट के तहत स्टेशन पर तीन दुकानें बनाई गई हैं, जिन्हें बोली पर अलाट किया जाएगा। पहले जंक्शन पर सिर्फ बरामदा होता था और यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी।

Jind development works : सीआरएसयू में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी होगी शुरू
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (Jind CRSU) में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बहुमंजिला लाइब्रेरी भवन बनाया गया है। जल्द ही इसका उद्घाटन करवाने की तैयारी है। नए साल में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के लिए संचालित किया जाएगा। इस भवन का नाम डा. बीआर आंबेडकर लाइब्रेरी रखा गया है। इस लाइब्रेरी में 1500 से अधिक विद्यार्थी एक साथ बैठ कर अध्ययन कर सकते हैं।। पूरे भवन में सीसीटीवी लगाए गए हैं।
आरएफआइडी आधारित आटोमेशन सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे पुस्तकों का निर्गमन, प्रबंधन और सेवाएं अधिक सुचारू और सुरक्षित हो सकेंगी। यहां 24 घंटे रीडिंग हाल की सुविधा उपलब्ध होगी। शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों के लिए अलग-अलग अध्ययन कक्ष बनाए गए हैं। ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर हेल्प डेस्क, नई पुस्तकों का सेक्शन, चर्चा कक्ष, प्रापर्टी काउंटर, फोटोकापी के लिए शाप और आनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलाग की सुविधा होगी।
पहली व दूसरी मंजिल पर शांत रीडिंग हाल होंगे। तीसरी मंजिल पर एक्विजिशन, टेक्निकल व रेफरेंस सेक्शन और लाइब्रेरियन का कार्यालय होगा। चौथी और पांचवीं मंजिल पर पुस्तक स्टैक एरिया, थीसिस सेक्शन और ई-रिसोर्सेज के लिए इंटरनेट लैब स्थापित की जाएगी।
Jind development works : तीन साल के इंतजार के बाद भिवानी रोड अंडरपास होगा शुरू
जींद : शहर में भिवानी रोड रेलवे फाटक की जगह तीन साल पहले अंडरपास (Jind railway underpass) बनाने का काम शुरू हुआ था। तकनीकी व अन्य कारणों से बार- बार काम रुकने से इसके निर्माण में देरी हुई। करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से एचएसआरडीसी इस अंडरपास का निर्माण करवा रहा है। एचएसआरडीसी के हिस्से का काम लगभग पूरा हो चुका है, फिलहाल रेलवे के हिस्से का काम बचा है। रेलवे लाइन के नीचे बाक्स रखने व अन्य काम जल्द ही पूरा हो जाएगा।
ऐसे में अगले दो माह के दौरान इस अंडरपास के शुरू होने की उम्मीद है। इस अंडरपास के शुरू होने से आसपास की 10 से ज्यादा कालोनियों के हजारों लोगों को राहत मिलेगी। वहीं भिवानी रोड की तरफ आने- जाने वाले वाहन चालकों को भी फायदा होगा। लंबे समय से निर्माणाधीन अंडरपास की वजह से यहां रास्ता बंद है। जिसके कारण स्थानीय दुकानदारों को भी नुकसान हो रहा है।
Jind development works : जींद-पानीपत मार्ग का निर्माण होगा शुरू
लंबे इंतजार के बाद इस साल जींद- पानीपत (Jind Panipat road) मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होगा। 27 दिसंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा पावर परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में जींद से पानीपत तक सड़क निर्माण परियोजना के टेंडर के लिए नेगोसिएशन हो चुकी है। सबसे कम रेट देने वाली एजेंसी को जल्द ही टेंडर (Jind safidon Panipat road tender) अलाट कर दिया जाएगा। इस मार्ग पर जींद से सफीदों तक करीब नौ हजार पेड़ों की कटाई की जानी है। जिसके लिए वन विभाग की एनओसी जरूरी है। वन विभाग को बदले में जमीन देने की प्रक्रिया चल रही है।
उम्मीद है, ये प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दो से तीन माह के दौरान निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। साल 2022 में सफीदों में रैली के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जींद- सफीदों मार्ग के चौड़ीकरण की घोषणा की थी। लंबे समय से ये सड़क बदहाल है। जींद से दरियापुर मोड़ तक करीब 50 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण कार्य पर 59 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं पानीपत से दरियापुर मोड़ तक फोरलेन सड़क के निर्माण पर 53 करोड़ 91 लाख रुपये खर्च होंगे।
Jind development works : एकलव्य स्टेडियम में 10 करोड़ से बन रहा सिंथेटिक ट्रैक
सफीदों रोड स्थित एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनवाया जा रहा है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण नगर परिषद करवा रही है। इस साल के अंत तक सिंथेटिक ट्रैक का काम पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल जिले में नरवाना के नवदीप स्टेडियम में ही सिंथेटिक ट्रैक है। जींद से एथलीट सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास करने नरवाना जाते हैं। लंबे समय से जींद में सिंथेटिक ट्रैक बनाने की मांग की जा रही थी। एकलव्य स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने के बाद खिलाड़ियों को बाहर नहीं भागना पड़ेगा। वहीं नरवाना के नवदीप स्टेडियम में पैवेलियन स्टैंड बनाया जाना है। जल्द ही इसका टेंडर लगाया जाएगा।
Jind development works : माडल संस्कृति कालेज बनेगा, कई नए कोर्स शुरू होंगे
जींद : जिला मुख्यालय पर राजकीय पीजी कालेज को माडल संस्कृति कालेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं, नए कोर्स और प्रशिक्षित शिक्षकों का लाभ भी मिलेगा। माडल संस्कृति कालेजों की परिकल्पना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कालेजों को निजी संस्थानों के समकक्ष बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। कालेज में प्रशिक्षित और ट्रेंड शिक्षकों द्वारा पढ़ाई करवाई जाएगी।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम लागू किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और कौशल आधारित शिक्षा मिल सके। इसमें कई नए विषय और कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो वर्तमान समय की जरूरतों के अनुरूप होंगे। साइंस, कामर्स और आर्ट्स के पारंपरिक विषयों के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, आइटी, डेटा एनालिटिक्स, पर्यावरण अध्ययन, स्टार्टअप और उद्यमिता जैसे विषयों को भी शामिल किया जाएगा।











