Jind CRSU Update : हरियाणा के जींद में चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी एक बार फिर से विवादों में आ गई है। इस बार विवादों का कारण यहां के प्रोफेसर बने हैं, जिन पर छात्राओं को व्हाट्सएप पर गंदे मैसेज भेजने, यौन शोषण के आरोप लगे हैं। हालांकि विभाग ने कार्रवाई करते हुए 3 प्रोफेसर को सस्पेंड भी कर दिया है लेकिन छात्राओं और छात्र यूनियनों में रोष बना हुआ है।
व्हाट्सएप चैट जो सामने आई है, उसमें प्रोफेसर ने इतना तक पूछा कि क्या वह वर्जिन है और उसकी सुंदरता और कपड़ों को लेकर टिप्पणी की। यूनिवर्सिटी के वीसी ने इंटरनल जांच कमेटी का गठन कर मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो इन प्रोफेसरों को पूरे देश में कहीं भी नौकरी नहीं मिलेगी। पीड़ित छात्रा ने इसकी शिकायत सीएम नायब सिंह सैनी और राज्यपाल को भी की है। ABVP के नेता रोहन सैनी ने बताया कि 27 नवंबर को इंग्लिश विभाग की 50 से अधिक छात्राएं कुलपति रामपाल सैनी से मिली थीं। इसके बाद कुलपति ने तीनों प्रोफेसरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
Jind CRSU : प्रोफेसरों पर ये लगे हैं आरोप
- शिकायत में छात्राओं ने प्रोफेसरों पर लेक्चर के दौरान और क्लास के बाहर अशोभनीय और अश्लील टिप्पणियां करने के आरोप लगाए हैं। छात्राओं से बार-बार अनुचित व्यक्तिगत प्रश्न पूछे जाते हैं।
- एक प्रोफेसर पर आरोप है कि वह छात्राओं के पास रात को 11 बजे वॉट्सऐप वीडियो कॉल तक करता है।
- एक प्रोफेसर पर आरोप है कि वह SC, BC और OBC समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करता है।
- कई छात्राओं के पहनावे, शरीर और दिखावे पर व्यक्तिगत सैक्सुअल कमेंट किए।
- आंतरिक अंक और उपस्थिति को हथियार बनाकर अनुचित दबाव बनाया। मना करने पर एक शिक्षक ने कार्रवाई की धमकी दी।
यहां देखें छात्राओं के साथ प्रोफेसर की व्हाट्सएप चैट



Jind CRSU : फिर चर्चाओं में
जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (Jind CRSU) में तीन शिक्षकों पर यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना, व्यक्तिगत व जातीय टिप्पणी किए जाने सहित काफी गंभीर आरोप लगे हैं। जिससे विश्वविद्यालय दोबारा चर्चाओं में आ गया है। इससे पहले भी कभी भर्तियों को लेकर विवाद, तो कभी गुमनाम चिट्ठियों को लेकर बवाल हो चुका है। सात- आठ साल पहले एक गुमनाम चिट्ठी सामने आई थी। जिसमें आरोप लगाए गए थे कि नियुक्ति के नाम पर कुछ लोगों द्वारा महिला कर्मी का यौन शोषण किया गया। हालांकि जांच में चिट्ठी लिखने वाला कोई सामने नहीं आया।
साल 2021 में भर्तियों को लेकर विवाद हुआ था। उसके बाद भी भर्तियों (Jind CRSU Controversy) को लेकर विवाद होता रहा है। जिसके कारण ही भर्तियों पर रोक लगती रही है। अभी जो 19 पेज का शिकायत पत्र राज्यपाल के नाम लिखा गया है, उसमें बगैर अपना नाम लिखे कुछ छात्र- छात्राओं ने तीनों शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय, शिक्षा मंत्री, महिला आयोग को भी भेजा गया है। वीसी प्रोफेसर रामपाल सैनी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपित तीनों शिक्षकों को घर भेजते हुए उनके विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी है। साथ ही जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है। जोकि शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच करेगी।













