Jind Bar association : जींद जिला बार एसोसिएशन के 60 वर्षों के इतिहास में पहली बार यहां एडहाक कमेटी का गठन होगा। जींद जिला बार एसोसिएशन का कामकाज देखने के लिए अब एडहाक कमेटी सोमवार को बनेगी। एडहाक कमेटी का गठन पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट आरएस रंधावा करेंगे। जब तक चुनाव का परिणाम घोषित नहीं हो जाता और नई कार्यकारिणी का गठन नहीं होता, तब तक यह कमेटी जिला बार एसोसिएशन का कामकाज देखेगी और जरूरी फैसले लेगी। अभी तक बार एसोसिएशन का चुनाव शांतिपूर्वक होता आया है। चुनाव को लेकर पहली बार विवाद सामने आया है।
डबल बेंच नें मतदान रोकने से किया था मना (Jind Bar association)
शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन के चुनाव कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुए थे। मतदान की प्रक्रिया रुकवाने के लिए जिला बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरविंदर सिंह और रमेश कुमारी की डबल बेंच ने मतदान रोकने से मना कर दिया था लेकिन मतों की गणना आगामी आदेशों तक टाल दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान जींद जिला बार एसोसिएशन का कामकाज चलाने के लिए एडहाक कमेटी बनाए जाने पर भी विचार हुआ था। इसमें हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट आरएस रंधावा ने खुद अपनी सेवाएं एडहाक कमेटी के गठन में देने की पेशकश की थी, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।

सोमवार को गठित होगी एडहाक कमेटी (Jind Bar association)
जींद जिला बार एसोसिएशन का कामकाज अगले कुछ महीने तक चलाने के लिए एडहाक कमेटी का गठन सोमवार को होगा। बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान बलराज श्योराण के अनुसार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट आरएस रंधावा सोमवार को जींद पहुंचेंगे और बार एसोसिएशन का काम देखने के लिए एडहाक कमेटी का गठन करेंगे। सोमवार को गठित होने वाली एडहाक कमेटी ही बार एसोसिएशन का सारा काम आगामी आदेशों तक देखेगी। उसके अलावा कोई और एडहाक कमेटी मान्य नहीं होगी।
24 अप्रैल को होगी हाईकोर्ट में अगली सुनवाई (Jind Bar association)
जींद जिला एसोसिएशन चुनावों के सिलसिले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होनी है। 24 अप्रैल तक मतगणना नहीं होगी। 27 फरवरी को हुए मतदान की मत पेटियां सुरक्षित रखवा दी गई हैं।

जींद बार एसोसिएशन के इतिहास में पहली बार हुई कई नई बातें (Jind Bar association)
जींद जिला बार एसोसिएशन के 60 साल लंबे इतिहास में पहली बार कई नई बातें हुई हैं। पहली बार चुनावों को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और चुनाव रुकवाने का प्रयास अंतिम क्षणों में मतदान की प्रक्रिया शुरू होने के दौरान हुआ। यह भी पहली बार हुआ है कि बार एसोसिएशन चुनावों के लिए मतदान होने के बाद मतगणना नहीं हुई। पहली बार चुनावी नतीजों के लिए कुछ महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।








