IAS Rupal Rana Motivational Story : संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा यानि यूपीएससी परीक्षा को क्लियर करना सरल नहीं है। यह एग्जाम सिर्फ दिमाग का एग्जाम नहीं बल्कि धैर्य और साहस का इम्तिहान भी लेती है। बता दें कि सिविल सेवा परीक्षा में 26वीं रैंक लाने वाली रूपल राणा को बहुत कम आयु में ही कई कठिन समस्याओं का सामना करना पड़ा था। रूपल ने बहु कम आयु में ही अपनी मां को खो दिया है। मां के देहांत के बाद रूपल पूरी तरह टूट गईं थीं जिसका प्रभाव उनकी पढ़ाई पर भी पड़ा।

आईएएस रूपल राणा की कहानी जानिए (IAS Rupal Rana Motivational Story)
सिविल सेवा परीक्षा में 26वीं रैंक लाने वाली रूपल राणा को बहुत कम आयु में ही अपनी मां को खो दिया है। मां के देहांत के बाद रूपल पूरी तरह टूट गईं थीं जिसका प्रभाव उनकी पढ़ाई पर भी पड़ा। इतनी तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए यूपीएससी परीक्षा दी और उन्हें अपने तीसरे प्रयास में सफलता प्राप्त की। वो रैंक 26 लाकर आईएएस सर्विस के लिए चयन हो गई हैं। रूपल के पिता जसवीर राणा दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हैं। रुपल राणा मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली हैं।
रूपल राणा की पढ़ाई-लिखाई (IAS Rupal Rana Motivational Story)
रूपल राणा ने बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल से प्राथमिक पढ़ाई की है, इस दौरान उन्होंने हाईस्कूल में 10 सीजीपीए हासिल किया था। फिर उन्होंने 11वीं और 12वीं की पढ़ाई पिलानी के बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी एंड साइंस से की है। वहीं प्राथमिक शिक्षा के बाद रूपल राणा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के देशबंधु कॉलेज से बीएससी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रूपल यूनिवर्सिटी टॉपर भी रह चुकी हैं।

रुपल को किसने सपोर्ट किया (IAS Rupal Rana Motivational Story)
रूपल राणा ने यूपीएससी क्लियर कर बनी आईएएस के जरिए हिम्मत और हौसले की एक मिसाल कायम की है। इस दौरान यूपीएससी के इस सफर में रूपल को उनके पिता और भाई-बहन ने ज्यादा सपोर्ट किया। जिसके तहत वो इस मुकाम को हासिल करने में कामयाब रही।













