Hydrogen Train Update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पहुंची जींद, 140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ेगी, 21 जनवरी से उतरेगी ट्रैक पर

On: January 3, 2026 12:08 PM
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Hydrogen Train Update Country's first hydrogen train reaches Jind, will run at a speed of 140 kmph

Hydrogen Train Update : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन वीरवार शाम को जींद पहुंच चुकी है। जींद से सोनीपत रूट पर ये ट्रेन चलेगी। इस माह के अंत तक इसके चलने की उम्मीद है। हाइड्रोजन गैस से चलने वाला ट्रेन का इंजन धुएं की बजाय भाप और पानी छोड़ेगा। जो कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर रेलवे की बड़ी पहल है। इसकी रफ्तार और यात्रियों को ले जाने की क्षमता भी डीजल ट्रेन के बराबर होगी।

ये ट्रेन एक किलो हाइड्रोजन करीब साढ़े चार लीटर डीजल के बराबर माइलेज देगी। वहीं इसका रखरखाव भी सस्ता होगा। इलेक्ट्रिक की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन 10 गुना अधिक दूरी तय कर सकती है। 360 किलोग्राम हाइड्रोजन में 180 किमी का सफर करेगी। ट्रेन में दो पावर प्लांट होंगे। ईंधन सेल की लागत और रखरखाव भी कम खर्च वाला है। हाइड्रोजन ट्रेन में आवाज नहीं होगी, इसलिए इनमें यात्री आरामदायक सफर कर सकेंगे।

Hydrogen Train : 140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ेगी ट्रैक पर

जींद से सोनीपत की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। ये ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। जींद रेलवे जंक्शन पर हाइड्रोजन प्लांट बनाया गया है। जिससे इस ट्रेन में हाइड्रोजन रिफिल की जाएगी। रेलवे का ये पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो देश में बाकी जगहों पर भी हाइड्रोजन ट्रेन चलाई जाएंगी। हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन नौ डिब्बों की है। यह हाइब्रिड ट्रेन है, जिनमें अक्षय ऊर्जा भंडारण जैसे बैटरी या सुपर कैपेसिटर लगे हुए हैं। ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन नियंत्रित ढंग से जलेगी और इस ताप से बिजली पैदा होगी। बिजली लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करेगी, जिससे ट्रेन चलेगी।

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Hydrogen Train Update : 120 करोड़ की लागत से जींद में बनाया हाइड्रोजन प्लांट

जींद रेलवे जंक्शन पर करीब 120 करोड़ रुपये की लागत से बनाए दो हजार वर्ग मीटर एरिया में बनाए हाइड्रोजन गैस प्लांट में टेस्टिंग का काम चल रहा है। इस कार्य में आठ से दिन का समय लगेगा। प्लांट में जमीन के नीचे हाइड्रोजन गैस का भंडारण तैयार किया गया है। इसमें लगभग तीन हजार किलोग्राम गैस भंडारण की क्षमता है। प्लांट को हर घंटे 40 हजार लीटर पानी की जरूरत होगी। वहीं, स्टेशन की छतों का वर्षा का पानी भी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा।

हाइड्रोजन प्लांट के प्रोजक्ट मैनेजर संजय कुमार ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन जींद पहुंच चुकी है। अभी प्लांट में टेस्टिंग का काम चल रहा है। आठ से 10 दिन में ये काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद ट्रेन का संचालन जींद-सोनीपत रूट पर किया जाएगा। ट्रेन कब चलेगी, इसकी तारीख अभी निर्धारित नहीं है।

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