Gram Panchayat HRDF Rule Change : हरियाणा में गांवों में विकास कार्यों को लेकर ग्राम पंचायतों को मिलने वाली रूरल डेवलेपमेंट फंड (HRDF) के नियमों में बदलाव कर दिया गया है। पहले पूरी ग्रांट पहले ही ग्राम पंचायत के खाते में आ जाती थी लेकिन अब इस फंड की पेमेंट तभी खाते में आएगी, जब काम पूरा हो जाएगा। इसे लेकर सरकार ने पत्र भी जारी किया है।
पंचायती विभाग के मुख्यालय द्वारा जारी पत्र (HRDF Rule Change) के अनुसार गांव में विकास का जो भी काम होना है, उसकी पूरी पेमेंट को तीन चरणों में रिलीज किया जाएगा। पहले काम शुरू होते ही उसका जीयो टैगिंग वाला फोटो मुख्यालय भेजना होगा। उसके बाद 50 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद और फिर काम फाइनल होने के बाद इसका फोटो मुख्यालय भेजा होगा। उसके बाद एजेंसी या ठेकेदार के बिलों को क्रॉस चेक करने के बाद फंड या ग्रांट जारी की जाएगी। सीधे-सीधे कहें तो सरकार ने ग्राम पंचायतों के अधिकारों पर निदेशालय का पहरा (HRDF Rule Change) बैठा दिया है। ग्राम पंचायतों को पहले एस्टीमेट भेजना होगा। जांच के बाद काम को हेड क्वार्टर से मंजूरी मिलेगी।
बताते चलें कि गांवों में अब तक जो विकास कार्य होते थे, उनकी पेमेंट की प्रक्रिया एक्सईएन (XEN) के लेवल तक जाती थी और पेमेंट निकल जाती थी लेकिन अब पेमेंट की फाइनल स्वीकृति मुख्यालय से ही मिलेगी। सरकार ने हरियाणा रूरल डेवलपमेंट फंड (HRDF) जारी करने को लेकर नियमों में बदलाव (HRDF Rule Change) कर दिया है। हालांकि सरकार द्वारा पत्र जारी होने के बाद सरपंच इसके खिलाफ विरोध में उतर आए हैं और सरपंचों का कहना है कि यह ग्राम पंचायत के अधिकारों पर हमला है।
HRDF Rule Change : ग्रांट पेमेंट रिलीज के लिए होंगे ये तीन स्टेप
गांव में होने वाले विकास कार्यों का पैसा रिलीज होने के लिए पहला स्टेप ये होगा कि काम शुरू होने पर मुख्यालय फोटो भेजनी होगी। फिर दूसरे स्टेप में 50 प्रतिशत काम पूरा होने और तीसरे स्टेप में काम पूरा होने के बाद इसकी जीयो टैगिंग फोटो लेनी होगी। इसके बाद एजेंसी का जो बिल बनेगा, उसकी वेरिफिकेशन भी मुख्यालय से ही होगी।

HRDF Rule Change : पंचायतों के एस्टीमेंट मंजूर (Astimate) की प्रक्रिया भी बदली
सरकार द्वारा जारी पत्र में ग्राम पंचायतों को एस्टीमेट मंजूर कराने की प्रक्रिया भी बदलाव किया गया है। नई प्रक्रिया के अनुसार 21 लाख रुपए तक सभी एस्टीमेट की जांच के लिए ग्राम पंचायतों को चीफ इंजीनियर-2 हेड क्वार्टर को भेजने होंगे, ताकि वे इसके बारे में सीनियर अधिकारियों को बता सकें। एक्सईएन की ओर से भी सभी एस्टीमेट चीफ इंजीनियर-1 हेड क्वार्टर यशवीर पवार को भेजे जाएंगे। ग्राम पंचायतों की ओर से विकास कार्य के बिल एचआरडीएफ (HRDF) के अकाउंट ऑफिसर को भेजने होंगे। इसके बाद सीनियर अधिकारियों के जरिए यह बिल एचआरडीएफ के एमडी के पास जाएंगे। तभी ऑनलाइन भुगतान होगा। बिलों का सत्यापन किया जाएगा।
HRDF Rule Change : सरकार ने दिया ये तर्क
इस मामले में पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और सरकारी प्रवक्ता का कहना है कि 21 अक्तूबर को ही पत्र (HRDF Rule Change) जारी किया जा चुका है। कई बार देखने में आया है कि पंचायत के खाते में फंड के रुपए पड़े रहते हैं और वह काम नहीं आता, क्योंकि पेमेंट तो काम पूरा होने के बाद ही मिलती है, इसलिए फंड को तभी जारी किया जाएगा, जब काम पूरा हो जाएगा। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर समैण ने बताया कि गांवों में डिमांड के आधार पर होने वाले कामों के लिए फंड सरकार देती है, उसे एचआरडीएफ फंड कहते हैं। इस फंड को लेकर किए गए बदलाव ठीक नहीं है, क्योंकि काम की मंजूरी और पेमेंट की प्रक्रिया लंबी कर दी है। इससे विकास कार्यों में देरी होगी।











