HR Mausam Update : हरियाणा में मौसम को लेकर पूर्वानुमान जारी किया गया है। हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक 7 दिसंबर तक पश्चिम विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इसके कारण हल्की बादलवाई छाई रहेगी और छिटपुट बूंदाबांदी भी हो सकती है। वहीं मौसम परिवर्तनशील रहेगा।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार (Hisar University) के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 4 दिसंबर से एक पश्चिमी क्षोभ के आंशिक प्रभाव से 7 दिसंबर के दौरान बीच-बीच में आंशिक बादलवाई रहने की संभावना है। इससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट व रात्रि तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। इस दौरान हवा में बार-बार बदलाव होने तथा हवाएं हल्की गति से चलने की संभावना है।
डॉ. मदन खीचड़ (Dr Madan Khichar) ने बताया कि वातावरण में नमीं बढ़ने से कुछ एक स्थानों पर अलसुबह हल्की धुंध भी रहने की संभावना है। परंतु 8 दिसंबर से उत्तर व उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने से विशेषकर रात्रि तापमान में फिर से गिरावट संभावित है। दूसरी तरफ एक सप्ताह से लगातार तापमान कम होता जा रहा है। इस कारण लोग ठंड की चपेट में आ रहे हैं। दिन और रात के तापमान में अधिक अंतर होना भी बीमार होने का मुख्य कारण है। जींद के नागरिक अस्पताल में 200 से 250 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें या तो बुखार है या फिर सर्दी या खांसी है।
HR Mausam Update : वायरल बुखार के हैं लक्षण
नागरिक अस्पताल के एमएस डा. राजेश भोला ने बताया कि वायरल बुखार के मुख्य लक्षण गले में खराश और कंपकपी, खांसी, जुकाम, तेज बुखार, थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों व बदन में दर्द, सिर और गले में दर्द, आंखें लाल होना हैं। ऐसे में चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लेनी चाहिए। बच्चों तथा वृद्धों के स्वास्थ्य व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
HR Mausam Update : गर्म कपड़े पहनकर ही निकलें बाहर
डा. राजेश भोला ने बताया कि काफी लोग दिन के गर्म होने के कारण गर्म कपड़े नहीं पहन रहे हैं। ऐसे में यह लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। इसलिए गर्म कपड़े पहनने जरूरी हैं। गर्म पानी का सेवन करें। ठंडा पानी नुकसान पहुंचा सकता है। सर्दी से बचने के लिए मुंह और सिर ढक कर रहें।
इस समय होने वाला वायरल बुखार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करता है। इस वजह से शरीर में इंफेक्शन तेजी से बढ़ता है। वायरल का संक्रमण बहुत तेजी से एक इंसान से दूसरे इंसान तक पहुंच जाता है। इस समय जरा सी लापरवाही निमोनिया का कारण बन सकती हैं।
–डा. विनिता, फिजिशयन नागरिक अस्पताल














