Haryana News Health Minister : हरियाणा में सिविल अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। ओपीडी पर्ची पर जो भी डॉक्टर मरीज की जांच और उपचार करेगा, उसे साफ और स्पष्ट शब्दों में ओपीडी पर जेनेरिक दवा का नाम लिखना होगा तो साथ ही लैब रिपोर्ट के नीचे भी अपने सिग्नेचर करने अनिवार्य होंगे। इससे मरीजों में किसी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा नहीं होगी और साथ ही दवा का नाम भी स्पष्ट मिलेगा।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव (Health Minister Aarti Rao) ने बताया कि उनके पास शिकायतें पहुंच रही थी और ऐसा देखने में भी आया था कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टर दवाइयों के जेनेरिक नाम नहीं लिखते और ओपीडी की पर्ची पर साइन भी नहीं मिलते तो ऐसे में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। इसे देखते हुए ही यह फैसला (Haryana News) लिया गया है। अब सिविल अस्पतालों में मरीजों की ओपीडी पर्ची, लैब रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन पर संबंधित डॉक्टर की मोहर, नाम, साइन जरूर करने होंगे। सभी प्रिस्क्रिप्शन में दवाओं के जेनेरिक नाम बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखें जाएं, ताकि मरीजों को दवा पहचानने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
Haryana News : अस्पतालों में कीट-कृंतक नियंत्रण सेवाएं नियमित रूप से हों
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी आदेश जारी किए कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कीट और कृंतक (एक स्तनधारी प्राणी, जो चीजों को कुतरते हैं ) नियंत्रण सेवाओं को नियमित रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यह समस्या न केवल मरीजों की सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण से जुड़ी है, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं के गुणवत्ता प्रमाणन (NQAS) में भी बाधा उत्पन्न करती है। इसलिए सभी सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ अस्पतालों में कीट-कृंतक नियंत्रण सेवाएं नियमित रूप से कराई जाएं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव (Health Minister Aarti Rao) ने स्पष्ट रूप से कहा कि इन निर्देशों का पालन होना चाहिए। उनका मकसद है कि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी सभी इस दिशा में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से कार्य करें।












