Haryana New Rule : हरियाणा में स्कूलों, कालेजों, स्टेडियमों के साथ- साथ सरकारी या निजी कार्यालयों में आवारा कुत्ते प्रवेश ना कर सकें, इसके लिए बैरिकेडिंग, फेंसिंग सहित जरूरत अनुसार अन्य व्यवस्था करनी होगी। अगर किसी संस्थान के अंदर कुत्ता किसी को काट लेता है तो संबंधित विभाग इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा।
जींद जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र दून (DMC Jind) ने सोमवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों से संबंधित आदेश पर समीक्षा की और मानव सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। जिला नगर आयुक्त ने (Haryana New Rule) कहा कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की डबल बेंच, जिसमें न्यायमूर्ति विक्रम नाथ शामिल हैं, ने इस साल 11 अगस्त और 22 अगस्त को दो महत्वपूर्ण आदेश जारी किए थे।
इन आदेशों के अनुसार किसी भी विभाग, नगर परिषद, नगरपालिका, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, पंचायतें, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण या किसी भी सरकारी संस्थाओं की सीमा के अंदर अगर कोई आवारा कुत्ता किसी व्यक्ति पर हमला करता है, काट लेता है या किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग (Haryana New Rule) की होगी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विभाग अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने, खतरे की संभावनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित की (Supreme Court On dog Bite Case) जिम्मेदारी होगी।
Haryana New Rule : सभी विभाग नियुक्त करेंगे एक-एक नोडल अधिकारी
जिला नगर आयुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें, जो अपने-अपने क्षेत्र में आवारा कुत्तों से संबंधित गतिविधियों, समस्याओं, शिकायतों और सुरक्षा उपायों की नियमित निगरानी करेगा। नोडल अधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह अपनी सीमा में कुत्तों की संख्या, उनके ठिकानों, खाद्य स्रोतों और मानव संपर्क वाले क्षेत्रों का सटीक आकलन कर रिपोर्ट करे। इस प्रकार की घटनाओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट ही आधार बनाई जाएगी।

जिला नगर आयुक्त (DMC) ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कुत्तों के हमले की घटनाएं तुरंत नियंत्रण में लाई जा सकती हैं, अगर विभाग अपनी सीमा में सफाई, कूड़ा प्रबंधन और बुनियादी व्यवस्था को दुरुस्त रखें। जहां कचरे का ढेर, खुले नाले या व्यवस्थित भोजन के अवशेष पड़े होते हैं, वहीं कुत्तों का जमावड़ा होने की संभावना (Haryana New Rule) बढ़ जाती है। इसलिए सभी विभाग अपने क्षेत्रों में स्वच्छता और निगरानी को प्राथमिक स्तर पर मजबूत करें। इस मौके पर नगराधीश मोनिका रानी, डीडीपीओ संदीप भारद्वाज, ईओ ऋषिकेश सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
Haryana New Rule : कुत्ते के काटने पर घाव को साबुन से धोएं
जिला नगर आयुक्त ने कहा कि अगर किसी को कुत्ता काट ले, तो सबसे पहले 10 से 15 मिनट तक साबुन से घाव को बहते पानी में धोना चाहिए। यह रेबीज और संक्रमण के जोखिम को काफी कम कर देता है। इसके बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में वैक्सीन का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध रहे और किसी भी पीड़ित को देरी न हो।
Haryana New Rule : पार्कों में कुत्ते घुमाने वालों पर भी सख्ती
जिला नगर आयुक्त ने पार्कों में कुत्तों को घुमाने पर भी कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अक्सर लोग अपने पालतू कुत्तों को बिना पट्टा (लीश) लगाए पार्कों में ले आते हैं। जिससे स्थानीय नागरिकों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को खतरा बढ़ जाता है। नगर परिषद को ऐसे मामलों में स्पष्ट नोटिस बोर्ड लगाने को कहा। सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि यह समस्या केवल नगर परिषद व नगरपालिका की नहीं, बल्कि हर विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी (Haryana New Rule) है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन के लिए सख्त निर्देश हैं। किसी भी विभाग द्वारा ढिलाई बरतने पर सीधे कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।














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