Haryana Government News : एनसीआर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि 1 जनवरी 2026 तक ऐसा पोर्टल तैयार किया जाए, जिस पर इन कंपनियों के सभी वाहनों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा। बता दें कि हरियाणा के एनसीआर से जुड़े 14 जिलों में अब ई-कॉमर्स, होम डिलीवरी और एग्रीगेटर कंपनियों के वाहन नई व्यवस्था के तहत सरकार की सख्त निगरानी में आएंगे। इस मद्देनजर रखते हुए परिवहन विभाग अगले 20 दिनों में यह पोर्टल तैयार करने की प्रक्रिया पूर्ण कर लेगा।
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा सरकार के निर्देश (Haryana Government News)
हरियाणा सरकार के निर्देशों के मुताबिक, अब कंपनियां जब भी नया दोपहिया, चारपहिया या मालवाहक वाहन खरीदेंगी, तो उन्हें पेट्रोल-डीजल से चलने वाले विकल्प छोड़कर इलेक्ट्रिक, सीएनजी या पीएनजी वाहनों को ही अपनाना होगा। यह कदम एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को कंट्रोल करने और साफ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में शानदार माना जा रहा है।

सरकार के निर्देशों के तहत पोर्टल शुरू होने के बाद सभी कंपनियों के वाहनों के ईंधन प्रकार और संख्या का वास्तविक डेटा उपलब्ध हो सकेगा। इससे सरकार को यह समझने में सहायता मिलेगी कि एनसीआर में वर्तमान में कितने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन संचालित हो रहे हैं। भविष्य में खरीदे जाने वाले वाहनों की सूचनाएं भी इसी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
हरियाणा इन जिलों में रहेगी निगरानी (Haryana Government News)
हरियाणा सरकार के द्वारा 14 जिलों पर निगरानी की जाएगी जैसे कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, रोहतक, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, पानीपत, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, जींद और करनाल। इन जिलों में खाद्य डिलीवरी, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स व अन्य सेवाओं में लगे सभी वाहनों का विवरण कंपनियों द्वारा आवश्यक रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।













