Haryana Four-lane Road Project : हरियाणा में कई शहरों में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा सड़कों को हाईवे की श्रेणी में शामिल कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। बता दें कि कुछ जगहों पर निर्माण कार्य आरंभ भी किया गया, मगर फोरलेन के लिए आवश्यक चौड़ाई कई भागों में वन विभाग की भूमि पर निर्भर है। नियमों के तहत पीडब्ल्यूडी के माध्यम से एनओसी मांगी गई, मगर अब तक वन विभाग से स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
यहां पर ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ रहा है (Haryana Four-lane Road Project)
सड़कों को चौड़ीकरण के रुप में फोरलेन का कार्य अटकने से इन मार्गों पर ट्रैफिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हर दिन जाम की स्थिति बन रही है, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पाठकों को बता दें कि हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि मंजूरी के बावजूद सड़क निर्माण कार्य अब तक क्यों आरंभ नहीं हुआ।

ये सड़के भी फोरलेन होना बाकी है (Haryana Four-lane Road Project)
विधानसभा शीत-सत्र में विधायकों ने अपनी रिपोर्टों में बात रखते हुए बताया कि नूंह से बिलासपुर होते हुए दिल्ली–जयपुर हाईवे, गुरुग्राम–पटौदी हाईवे और रेवाड़ी–रोहतक हाईवे नंबर 71 को कुलाना तक जोड़ने वाला मार्ग फोरलेन नहीं हो पा रहा है। इसके चलते बिलासपुर, पटौदी, हेलीमंडी समेत कई क्षेत्रों में भारी जाम की परेशानी बनी रहती है। इसके अलावा नूंह–अलवर, नूंह–होडल–पलवल, हथीन–नूंह, पुन्हाना–होडल मार्ग सहित हिसार और सिरसा के कई मार्ग भी फोरलेन होने बाकी हैं। ऐसे में यहां के क्षेत्रवासियों को बड़ी-बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
सभी अड़चनों को किया जाएगा दूर- राव नरबीर सिंह (Haryana Four-lane Road Project)
ऐसे में इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह को संबंधित विभागों के साथ मींटिग करने की मुशाहरा दिया है। वन मंत्री ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि अगले सप्ताह अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी अड़चनों को दूर किया जाएगा। राव नरबीर सिंह ने बताया कि वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल होंगे। अगले दो से तीन दिनों में बैठक की तारीख और जगह निर्धारित की जाएगी, ताकि फोरलेन परियोजनाओं को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने में अहम कदम उठाया जा सकें।











