Haryana E-Bus Service : हरियाणा में हर सीजन में वायु प्रदूषण ज्यादा रहता है, हरियाणा सरकार अब इसको सुधारने के लिए ठोस नियोजना बनाई है। बता दें की राज्य सरकार प्रदेश के 4 शहरों में 500 ई-बस चलाने की तैयारी कर ली है। साथ ही पुराने ऑटो को बदलने के लिए भी सरकार प्रोत्साहित करेगी। इस पर 100 करोड़ रुपये व्यय होंगे और इस जन-कल्याणकारी योजना के लिए विश्व बैंक ने राज्य सरकार को 305 मिलियन डालर की आर्थिक तौर पर सौगात देने को स्वीकृति प्रदान की है।
हरियाणा में प्रदूषण से मिलेगी बड़ी राहत (Haryana E-Bus Service)
प्रदेश सरकार को वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए बड़ी राहत देनी जा रही है। योजना के तहत विश्व बैंक ने हरियाणा स्वच्छ वायु सतत विकास परियोजना (HCAPSD) के लिए 305 मिलियन अमेरिकी डालर का अनुदान को स्वीकृति मिली है। बता दें कि इस राशि में आईबीआरडी का 300 मिलियन डालर का व्यय रहेगा और बाकी बचे 5 मिलियन डालर का अनुदान रहेगा। इस परियोजना के तहत 2030 तक हरियाणा राज्य को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य कार्य किए जा रहे है।
बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा बहुक्षेत्रीय कार्य योजना तैयार की गई है। इसको सुदृढ़ करने के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी, उत्सर्जन नियंत्रण और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के विस्तार पर विश्व बैंक से मिली यह राशि व्यय करने की परियोजना है। परियोजना के तहत, परिवहन क्षेत्र में 1,688 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे शहरों में प्रदूषण के स्तर में तेजी से कमी आएगी, जिससे प्रदेश के नागरिकों को प्रदूषण से कुछ हद तक राहत मिलेगी।

इन शहरों में चलेंगी 500 इलेक्ट्रिक बस (Haryana E-Bus Service)
पाठकों को बता दें कि, परियोजना के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में इलेक्ट्रिक बस चलाने की योजना तैयारी है। इस योजना के तहत 500 ई-बसें चलाने के लिए 1513 करोड़ रुपये खर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही शहरों में बसों को सुचारू रूप से चलाने के लिए 20 करोड़ रुपये 200 ईवी चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए ऑटो रिक्शा को भी अपडेट किया जाएगा। इसकी जगह आटो चालकों को पुराने ऑटो छाेड़ कर नए लेने पर 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि व्यय होगी। इसकी जगह नए इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर यह फायदा मिलेगा। गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस लिमिटेड एवं हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड के साथ मिल कर प्रदेश को एक नई पहचान मिलेगी।
प्रदूषण निगरानी प्रणाली के लिए अहम कदम (Haryana E-Bus Service)
परियोजना के तहत नायब सरकार द्वारा प्रदेश में प्रदूषण फैलाने वालों पर नियंत्रण के लिए निगरानी प्रणाली पर मजबूत कदम उठाया है। बता दें कि हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 564 करोड़ रुपये व्यय कर निगरानी प्रणाली को विकसित किया जाएगा। ऐसे में 10 नए सीएएक्यूएम स्टेशन, दो मोबाइल एक्यू मानिटरिंग वैन और एक अत्याधुनिक डेटा-आधारित पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली को तैयार किया जाएगा।

उद्योग विभाग को 563 व कृषि क्षेत्र को 746 करोड़ रुपये की सौगात (Haryana E-Bus Service)
इस योजना के अनुसार उद्योग व कृषि क्षेत्र को भी विकसित रुप से फायदा दिया जाएगा। इन क्षेत्रों से प्रदूषण सूक्ष्म तथा नियंत्रण करने के लिए योजना बनाइ गई है। इसके अनुसार स्वच्छ औद्योगिक संचालन, डीजल जनरेटर सिटों के विकल्प एवं पीएनजी आधारित बायलर प्रणाली पर राशि व्यय कि जाएगी। इसके विस्तार के लिए उद्योग विभाग को 563 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। वहीं कृषि क्षेत्र को 746 करोड़ रुपये देने की योजना है। इसमें पराली जलाने पर रोक, जैव-अपघटक प्रौद्योगिकी और पशु अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली पर अहम तथा खास ध्यान दिया जाएगा।













