Delhi NCR New Project : दिल्ली-NCR क्षेत्र को विकसित करने के लिए सरकार कई प्रोजेक्ट शुरू कर रही है। इसी प्रोजेक्ट के अनुसार सरकार एक नया शहर बनाने की योजना बना रही है, जो विकसित भारत और विकसित दिल्ली के दिशा में यह बड़ा फैसला लिया गया है। इस शहर के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार से अंतिम स्वीकृति अगले एक से डेढ़ माह में मिलने की आशंका है। हाल ही के प्लांनिग के तहत, जमीन अधिग्रहण एक हाइब्रिड मॉडल के रुप में किया जाएगा, जिसमें दोनों ऑप्शन खुले रहेंगे। किसानों की स्वीकृति लेना और प्रशासनिक प्रोसेस का उपयोग करना। आए जाने आगे विस्तार से…
किस तरह जमीन का अधिग्रहण होगा ? (Delhi NCR New Project)
इस मॉडल के अनुसार अथॉरिटी या कोई अन्य अधिकारी आपसी स्वीकृति के आधार पर किसानों से डायरेक्ट जमीन खरीद सकेंगे। जरूरत पड़ने पर, भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत जिला प्रशासन के तहत जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है। अधिकारियों के मानना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हाइब्रिड मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि यहां हर किसान और नागरिकों प्राथमिक रुप से सुनिश्चित सुविधाएं मिल सकें।

80 गांवों की जमीन विकसित का प्रस्ताव (Delhi NCR New Project)
दिल्ली एनसीआर की विशेष बात यह है कि इस शहर को दादरी और बुलंदशहर क्षेत्रों के करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। दस्तावेजों की फाईल पर इस प्रोजेक्ट का नाम DNGIR रखा गया है। यह बड़ा प्रोजेक्ट चार फेजों में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए सबसे पहले जमीन अधिग्रहण और मुआवज़े की दरें निर्धारित करना अनिवार्य है। अधिकारियों के अनुसार मुआवजे की दरों पर चर्चा के लिए जनवरी में एक बैठक आयोजित की जाएगी। अथॉरिटी ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया है, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया और मॉडल को लेकर सरकारी स्तर पर भी एक बैठक हुई है, जिसमें हाइब्रिड मॉडल पर स्वीकृति बनती दिख रही है।
DNGIR मास्टर प्लान 2041 (Delhi NCR New Project)
DNGIR मास्टर प्लान 2041 को अक्टूबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकृति दी थी, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण प्रोसेस में तेजी आई है। शुरुआती फेज में, जोखाबाद और सांवलि क्षेत्रों में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के जंक्शन के पास जमीन अधिग्रहण प्रोसेस शुरू करने की योजना है। अधिकारियों को आशंका है कि अगले एक से डेढ़ माह में सरकारी स्वीकृति मिलने के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। जमीन अधिग्रहण के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रशासनिक कर्मचारियों की भी डिमांड की गई है। नोएडा अथॉरिटी ने सरकार से तीन तहसीलदार, छह कानूनगो और लेखपाल उपलब्ध कराने की अपील की गई है। कुछ तहसीलदारों ने भी अथॉरिटी के साथ काम करने की इच्छा जाहिए की है।

कितने चरणों में विकास कार्य होंगे ? (Delhi NCR New Project)
- अथॉरिटी के अनुसार, नया नोएडा करीब 21,000 हेक्टेयर के एरिया में विकसित किया जाएगा।
- पहले चरण में 2027 तक 3,165 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 2027 से 2032 के बीच 3,798 हेक्टेयर विकास कार्य होंगे।
- तीसरे चरण में 2032 से 2037 के बीच 5,908 हेक्टेयर और आखिरी चरण में 2037 से 2041 के बीच 8,230 हेक्टेयर विकसित किया जाएगा।
नए प्रोजेक्ट से मिलेंगे रोजगार के अवसर (Delhi NCR New Project)
बता दें कि इस शहर को शिक्षा एवं शिक्षण संस्थाओं के तौर पर विकसित किया जाएगा, जहां यूनिवर्सिटी और कॉलेज बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट को भविष्य में इस क्षेत्र के औधोगिक और शहरी विकास के लिए शानदार पहल मानी जा रही है। इस पहल के तहत नया नोएडा प्रोजेक्ट से इंडस्ट्री, रियल एस्टेट, शिक्षा, हेल्थकेयर और लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। 21,000 हेक्टेयर में एक नया इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब बनाया जाएगा, जो दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ा होगा, जिससे आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।













