Cough Syrup Advisory : मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप के कारण बच्चों की मौतों ने पूरे देश को झकझोर कर दिया है। दोनों राज्यों के अलावा पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। कोई दवा बनाने वाली कंपनी तो कोई फर्म ठेकेदार और कोई सरकार को इसमें दोषी बता रहा है। यह तो जांच का विषय है लेकिन कफ सिरप के अलावा भी कई ऐसी दवाएं हैं, जो बच्चों को देते समय लापरवाही की तो यह उनके लिए जानलेवा हो सकती है।
हम आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ दवाइयों के नाम, जो आम तौर पर बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के दे दी जाती हैं। ये कतई उचित नहीं है। बता दें कि कुछ दवाएं ऐसी हैं, जो बड़ों को दी जाती है तो इनका फायदा होता है लेकिन यही दवा बच्चों को दे दी जाए तो यह उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
बच्चों और बड़ों के शरीर में दवाओं का अलग–अलग रिएक्शन होता है। इसलिए बेशक दवाएं नेचुरल व हर्बल हों, बिना डॉक्टर की सलाह (Cough Syrup Advisory) के नहीं देनी चाहिएं। इनमें एस्पिरिन (Aspirin) और एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) जैसी दवाएं खासतौर पर शामिल हैं।
Cough Syrup Advisory : बच्चों को क्यों नहीं देनी चाहिए एस्पिरिन
बता दें कि अक्सर सर्दी–जुकाम, तेज बुखार या फ्लू, सिर दर्द, मासिक धर्म, दांतों में दर्द, शरीर में दर्द होने पर एस्पिरिन की दवाई दी जाती है। एस्पिरिन को एसिटाइलसैलिसिलिक एसिड के नाम से जाना जाता है। अगर 12 साल की उम्र से छोटे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह से ये दवाई देते हैं तो रेये सिंड्रोम बीमारी का खतरा रहता है, जो गंभीर होती है और लीवर तथा दिमाग को नुकसान पहुंचाती है।

इसलिए जब तक डॉक्टर न कहे, तब तक बच्चों को एस्पिरिन या उससे जुड़ी कोई दवा नहीं (Cough Syrup Advisory) देनी चाहिए। इसके अलावा एस्पिरिन को कभी-कभी ‘सैलिसिलेट’ और ‘एसिटाइलसैलिसिलिक एसिड’ के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए हमेशा दवाइयों के लेबल को अच्छे से पढ़कर ही खरीदना चाहिए।
- 2. एसिटामिनोफेन (Acetaminophen ban)
- एसिटामिनोफेन दवाई 3 महीने से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं देनी चाहिए। इससे बच्चों की जान को खतर रहता है। अगर बच्चो पहले से ही कोई दूसरी ओटीसी(ओवर द काउंटर) दवाइयां ले रहा है तो भी एसिटामिनोफेन देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
- 3. आईब्रूप्रोफेन ( ibuprofen ban)
- आईबुप्रोफेन दवा व्यस्क तो ले सकते हैं लेकिन बच्चों को यह दवा देने से बचना चाहिए। छह महीने से कम उम्र के बच्चों को यह दवाई नहीं दी जानी चाहिए। किसी भी अन्य दवा के साथ आइबुप्रोफेन देने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।
- 4. एंटीबायोटिक्स ( antibiotics ban)
- एंटीबायोटिक्स दवाइयां सिर्फ बैक्टीरियल इंफेक्शन में काम करती हैं। वायरल इंफेक्शन (जुकाम, फ्लू) में इन्हें देना उचित नहीं है। बच्चों को इस तरह की दवाई देने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
- नेचुरल या हर्बल दवाइयां :
- काफी लोग कहते हैं कि ये तो नेचुरल या हर्बल दवाइयां हैं, ये नुकसान नहीं करेंगी। लेकिन हम आपको बता देते हैं कि बच्चों को ये दवा भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन दवाओं के एलर्जी और साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। दवाई हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दें।














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