Banking Unclaim Report : हरियाणा में बैंकों की रिपोर्ट से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बता दें कि प्रदेश में 20 बैंकों में 22 जिलों के 34 लाख 43 हजार 831 बैंक खाते ऐसे हैं, जिनमें पिछले 10 वर्ष से ज्यादा समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ। इन नॉन एक्टिव खातों में 1343.69 करोड़ रुपए जमा है, जो बिना दावेदारी के पड़े हुए हैं। जबकि इनके खाताधारकों को इसकी सूचनाएं भी नहीं है। आए जानें हरियाणा में किन-किन बैंकों में इस तरह की राशि जमा है।
अनक्लेम्ड राशि इन बैंकों मे है जमा (Banking Unclaim Report)
बैंकों की रिपोर्ट अनुसार इस अनक्लेम्ड राशि का सबसे बड़ा भाग स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है, जहां 8 लाख 58 हजार 47 खातों में करीब 377.59 करोड़ रुपए डिपॉजिट है यानि जमा हैं। सबसे कम आरबीएल बैंक में 468 खातों में 40 लाख रुपये जमा हैं। वहीं, सबसे ज्यादा राशि गुरुग्राम में 4,20,981 खातों में 221.19 करोड़ रुपये जमा है है। सबसे कम राशि चरखी दादरी में 41 हजार 511 खातों में 17.01 करोड़ रुपए जमा है। जोकि ये सभी राशि अनक्लेम्ड है बैंकों में।
क्या कारण है इतनी राशि अनक्लेम्ड होने का ? (Banking Unclaim Report)
बैंक अधिकारियों के अनुसार सबसे अधिक राशि प्रदेश में व्यक्तिगत खातों में करीब 1,197 करोड़ रुपए है। सरकारी विभागों के लेन-देन से जुड़े खातों में 89 करोड़ और संस्थागत व्यापारिक मामलों से जुड़े खातों में 55 करोड़ रुपए जमा है। यह राशि इन खातों में 10 वर्ष से ज्यादा समय से लेन-देन न होने से अनक्लेम्ड पड़ी है। एलडीएम राजीव रंजन के सूचनाओं के मुताबिक यह राशि उन नागरिकों की है, जिनके पैरेंटेस की किसी कारण से मृत्यु होने से बैंक खाता नॉन-एक्टिव है या नागरिक अपने खातों में राशि डालकर भूल गए हैं।

अनक्लेम्ड राशि के बारे में ऐसे जानें (Banking Unclaim Report)
बैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार, अनक्लेम्ड राशि की सूचनाएं लेने के लिए, नागरिक आरबीआई के ‘उद्म’ एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यहां उन्हें अपना या मृत परिजन का मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे डॉकोमेंटों के साथ लॉग-इन करना होगा। सर्च करने पर, उन्हें देशभर के 30 बैंकों में जमा अनक्लेम्ड राशि की डिटेल मिल जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्राहक अपनी नजदीकी बैंक शाखा से सीधे संपर्क कर सकते हैं। राशि का दावा करने के लिए ई-केवाईसी (खाते का वेरिफिकेशन) और मुख्य डॉकोमेंट (आधार, पैन जैसे) लाना जरुरी है। यदि खाता मृत संबंधी का है, तो वारिसों को संबंध सिद्ध करने के लिए मृत्यु प्रमाण-पत्र और वारिस नामा (उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र) जैसे जरुरी डॉकोमेंट पेश करने होंगे।
इस तारिख तक कर सकते हैं दावा (Banking Unclaim Report)
रेवाड़ी से एलडीएम वरिष्ठ अधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान के जरिए हरियाणा में 31 दिसंबर तक अभियान चला रही है। इसका मकसद है कि नागरिकों को उनके बैंक खातों में पड़ी अनक्लेम्ड (बिना दावेदारी वाली) राशि पर दावा करने के बारे में जागरूक करना और वापस पाना है। अभियान के समाप्त होने के बाद भी दावा कर सकेंगे, यह राशि संबंधित नागरिक को बचत खाते के ब्याज के साथ मिलेगी।













