Banking time Change : बैंकिंग सेक्टर में काम करने वालों के लिए लंबे घंटों की ड्यूटी, लगातार बढ़ते काम और ग्राहकों का दबाव, इन सबके बीच अब बैंक यूनियनों ने सरकार के सामने आधिकारिक रूप से एक बड़ा प्रस्ताव रख दिया है। डिमांड क्लियर है, हर शनिवार और रविवार बैंक पूरी तरह बंद रहें, यानी पूरे देश में सिर्फ सोमवार से शुक्रवार तक 5-दिन का काम हफ्तेभर लागू किया जाए। वैसे तो अभी केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंक बंद रहते हैं, पर पांच दिन हफ्ते की डिमांड सालों से उठती आ रही है। अब यह सरकार के दरवाज़े पर दस्तक दे रही है।
क्या बैंकिंग सिस्टम में आयेगा बदलाव ? (Change Banking time)
- बैंक यूनियनों के अनुसार, अगर 5-दिन का कार्य/सप्ताह लागू होता है, तो ये आयेगा बदलाव
- मांग मानने के बाद बैंक सिर्फ सोमवार से शुक्रवार तक खुल सकेंगे।
- मांग मानने के बाद कर्मचारियों सप्ताह में से हर शनिवार–रविवार लगातार दो दिन छूट्टूी पर रहेंगे।
- मांग मानने के बाद काम के घंटों में प्रतिदन 40 मिनट की बढ़ोतरी की जा सकती है ताकि कुल कार्य समय संतुलित रहे।

सरकार ने किया खारिज (Change Banking time)
कई बैंक कर्मचारियों के मुताबिक स्टाफ की कमी इस निर्णय में रुकावट है। मगर सरकार ने इसे स्पष्ट तौर पर सिरे से खारिज कर दिया है कि जैसे कि मिनिस्ट्री के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर बैंकों के 96 फीसदी पद भरे हुए हैं। स्टाफ स्ट्रेंथ 5 दिन कार्य/सप्ताह में किसी भी तरह रुकावट नहीं है। मगर फैसले में देरी का असली कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, किंतु प्रस्ताव पूरी तरह विचाराधीन अवश्य है।
नई व्यवस्था कब फैसला होगा? (Change Banking time)
हालांकि इसकी कोई लास्ट डेट फिक्स नहीं की गई है। फिर भी सरकार और RBI दोनों को प्रस्ताव पर अंतिम स्वीकृति देनी होगी। संभावित है कि अगले वित्तीय वर्ष, यानी अप्रैल 2026 के बाद ही कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। तब तक के लिए पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी, दूसरा और चौथा शनिवार बैंक छूट्टी रहेगी।













