America deport List Jind : हरियाणा के जींद से डोंकी के रास्ते गए 3 युवकों को अमेरिका ने डिपोर्ट कर दिया। तीनों युवकों को अब जींद पुलिस ने घर पहुंचा कर सभी को सुरक्षित उनके स्वजनों को सौंप दिया। तीनों युवकों में कोई 15 तो कोई 35 लाख रुपए खर्च कर विदेश गया था लेकिन वहां काम-धंधा मिलने से पहले ही उन्हें डिपोर्ट कर दिया गया।
जींद पुलिस कप्तान (SP) कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले के गांव भैरो खेड़ा निवासी अजय, निम्नाबाद निवासी लब्जोत सिंह तथा पिल्लूखेड़ा निवासी नवीन डोंकी के रास्ते अमेरिका गए थे। इनको वहां पर पुलिस ने डिटेन कर लिया था। यह लोग काफी समय से अमेरिका पुलिस की हिरासत में थे। अब इनको सुरक्षित डिपोर्ट (America deport List) कर दिया है। डीएसपी संदीप कुमार (DSP Sandeep Kumar) की अगुवाई में जींद पुलिस द्वारा सुरक्षित इनको भारत में रिसीव किया गया और स्वजनों के हवाले कर दिया गया।
एसपी कुलदीप सिंह ने कहा कि डोंकी रूट से विदेश जाना एक गंभीर अपराध होने के साथ-साथ समाज की प्रतिष्ठा पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। इस तरह की अवैध यात्रा न केवल आर्थिक हानि का कारण बनती है बल्कि जीवन को भी खतरे में डाल देती है। कई बार ऐसे मामलों में युवाओं को रास्ते में शारीरिक प्रताड़ना, धोखाधड़ी या यहां तक कि जान तक गंवानी पड़ जाती है। इसलिए ऐसे रास्ते को विदेश जाने के लिए युवाओं को (America deport List) नहीं अपनाना चाहिए। युवक अपना वीजा लगवाने से पहले एजेंट या संस्था का पूरा सत्यापन करें और किसी भी अंजान व्यक्ति के झूठे लालच में नहीं आएं। अवैध रूप से विदेश जाना केवल पैसों की बर्बादी नहीं, बल्कि समाज में नकारात्मक संदेश देने जैसा है।

America deport List : देखें कौन कितने दिन रहा अमेरिका की हिरासत में
भैरो खेड़ा गांव निवासी अजय साल 2023 में कनाडा गया था। यह पूरे कागजात और वीजा के साथ गया था। कनाडा में अजय ट्रक चलाता था। अजय गलती से कनाडा से बार्डर पार कर गया। इसके बाद अजय को वहां की पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिस ने अजय पांच महीने तक जेल में रखा और अब कनाडा भेजने की बजाय वापस भारत भेज दिया। अजय ने कहा कि उसने पांच महीने बड़ी मुश्किल से काटे हैं। अब वह अपने देश आकर खुशी महसूस कर रहा है।
निम्नाबाद निवासी लब्जोत सिंह सिंह डेढ़ साल पहले कनाडा गया था। उसने कनाडा के लिए डोंकी का रास्ता अपनाया। वहां पहुंचते ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। वह डेढ़ साल तक पुलिस हिरासत में रहा। अब उसे सेफ हाउस में रखा गया था। रविवार को उसे भारत डिपोर्ट कर दिया गया। लब्जोत सिंह लगभग 15 लाख रुपये खर्च करके विदेश गया था, लेकिन वह वहां पहुंचने से पहले ही पुलिस के कब्जे में आ गया।
पिल्लूखेड़ा निवासी नवीन लगभग एक साल पहले अमेरिका गया था। उसने कुछ दिन वहां पर काम किया, लेकिन जल्द ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके कागजात पूरे नहीं थे। वह एक साल तक पुलिस हिरासत में रहा। नवीन भी काम की तलाश में विदेश गया था, लेकिन पूरे कागजात नहीं होने के कारण उसे एक साल तक पुलिस हिरासत में रखा गया। अब उसे वापस भेज दिया गया है।














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