Closed Aadhaar Number : विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली आधार को सुरक्षित और विश्वासमंद बनाए रखने के लिए भारत सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। बता दें कि सरकार अब तक 2.5 करोड़ से अधिक ऐसे आधार नंबर नॉन-एक्टिव कर चुकी है, जो उन नागरिकों के नाम पर थे जिनका देहांत हो चुका है। इस एक्शन का मुख्य मकसद है कि आधार डेटाबेस को अपडेट रखना और पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी पर लगाम लगानी है।
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में क्या बताया ? (Closed Aadhaar Number)
भारत सरकार में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में सूचना देते हुए बताया कि यह अभियान देशभर में जारी है, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सिर्फ वास्तविक और जीवित लाभार्थियों तक ही पहुंचे। उनके मुताबिक, किसी नागरिक की मौत के बाद उसका आधार एक्टिव रहने से बैंक खाते खोलने, सिम कार्ड लेने या सरकारी योजनाओं में फर्जी फायदा लेने का डेंजर बढ़ जाता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए मृत व्यक्तियों के आधार नंबर बंद किए जा रहे हैं।

भारत में अब कितने आधार एक्टिव है ? (Closed Aadhaar Number)
फिलहाल देश में लगभग 134 करोड़ एक्टिव आधार धारक हैं, ऐसे में इतने बड़े डेटाबेस को सही और अपडेट रखना बड़ी चैलेंज है। क्योंकि कई बार मृत्यु का रजिस्ट्रेशन और आधार में दर्ज पता भिन्न-भिन्न जगहों का होता है, इसलिए भिन्न-भिन्न डेटाबेस को मिलाकर वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
नया आधार ऐप लॉन्च किया गया (Closed Aadhaar Number)
देश में नागरिकों की पहचान सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार ने बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक सुविधा, फेस ऑथेंटिकेशन में लाइवनेस डिटेक्शन और डेटा वॉल्ट में एन्क्रिप्शन जैसे तकनीकी पहल लागू कि हैं। साथ ही एक नया आधार ऐप भी पेश किया गया है, जिससे परिवार के सदस्य आसानी से मृत्यु की जानकारी दे सकें। भारत सरकार के मुताबिक, ये अहम फैसला आधार सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में लिया गया हैं।













