Rapido : आज देशभर में ओला-उबर-रैपिडो के ड्राइवर्स की हड़ताल, जानिए कब और क्या हैं मांगें

On: February 7, 2026 8:05 AM
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Rapido: Ola-Uber-Rapido drivers are on strike across the country today; know when and what their demands are.

Rapido : आज ऑनलाई कार बुकिंग करने वालों के लिए समस्या हो सकती है। बता दें कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब और बाइक, ऑटो सर्विस देने वाले ऐप्स पर काम करने वाले ड्राइवर्स की यूनियंस ने शनिवार 7 फरवरी को यानि हड़ताल करने की घोषणा कि है। ये तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में ये आंदोलन होगा। वहीं बुधवार को उन्होंने कहा कि पूरे देश के ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ मनाएंगे। इस दौरान वे 6 घंटे के लिए ऑफलाइन हो जाएंगे ताकि सरकार न्यूनतम किराए की नोटि्स पर ध्यान दे।

क्यों हो रहे आंदोलन ? (Rapido)

पाठकों को सूचित कर दें कि, ये आंदोलन पिछले माह फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स वर्कर्स के आंदोलन के ठीक बाद आया है। इससे पहले 31 दिसंबर को ज़ोमैटो, ब्लिंकिट, ज़ेप्टो, इंस्टामार्ट और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स के गिग वर्कर्स ने कम पेमेंट और खराब काम की कंडीशंस के खिलाफ विरोध किया था और नए साल पर स्ट्राइक करने का घोषणा थी। अब ओला-उबर और रैपिडो ड्राइवर्स हड़ताल पर उतर आए हैं।

हड़ताल में क्या-क्या हैं मांगे ? (Rapido)

ये हड़ताल ड्राइवर्स की कठिनाईयों को सामने ला रही है। बता दें कि यूनियन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 के बावजूद प्लेटफॉर्म्स मनमाने तरीके से किराए निर्धारित कर रहे हैं। उनकी डिमांड क्लियर है कि न्यूनतम बेस फेयर की नोटिफिकेशन जारी हो और प्राइवेट वाहनों का कमर्शियल राइड्स के लिए दुरुपयोग बंद हो। क्योंकि ये हड़ताल कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी ड्राइवर्स को प्रभावित करेगी। यूनियन्स के मुताबिक, प्लेटफॉर्म्स किराए कम करके उनकी कमाई प्रभावित कर रहे हैं और फ्यूल, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों के बाद बहुत कम बचता है।

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Rapido: Ola-Uber-Rapido drivers are on strike across the country today; know when and what their demands are.
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तो इस दौरान यूनियन चाहती है कि केंद्र और राज्य सरकार न्यूनतम बेस फेयर निर्धारित करें और यूनियंस से बात करके फाइनल करें। प्राइवेट वाहनों को कमर्शियल यूज रोकने या कमर्शियल में कन्वर्ट करने की मांग भी है। गिग इकोनॉमी में ग्रोथ के साथ-साथ वर्कर्स की सुरक्षा और फेयर इनकम बहुत जरुरी है। यदि 7 फरवरी को ड्राइवर्स ऑफलाइन रहेंगे तो राइड्स प्रभावित होंगी और यात्रियों को बेहद मुश्किल हो सकती है।

इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में गिग इकोनॉमी का खुलासा (Rapido)

हाल ही में इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में गिग इकोनॉमी पर अहम चर्चा की गई है। सर्वे के मुताबिक, भारत की गिग इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है किंतु इनकम में बहुत उतार-चढ़ाव है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में गिग वर्कर्स की संख्या 55 फीसदी बढ़कर 1.2 करोड़ हो गई है जो फाइनेंशियल ईयर 2021 में 77 लाख थी। वहीं स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल और डिजिटल पेमेंट्स से ये ग्रोथ हुई है। बता दें कि अब ये सेक्टर भारत की कुल वर्कफोर्स का 2 प्रतिशत से अधिक है और कुल रोजगार से तेजी से बढ़ रहा है। सर्वे के मुताबिक, लगभग 40 फीसदी गिग वर्कर्स माह में 15,000 रुपये से कम कमाते हैं। ये इनकम वोलेटिलिटी की बड़ी परेशानी दिखाता है।

Rapido: Ola-Uber-Rapido drivers are on strike across the country today; know when and what their demands are.
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सर्वे ने पॉलिसी इंटरवेंशन की सिफारिश की है। मजबूत कॉम्पिटिशन रूल्स और एल्गोरिदम ट्रांसपेरेंसी आवश्यक है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में पावर का कंसंट्रेशन फीस, एल्गोरिदम से फैसले और वर्कर प्रोटेक्शन पर परेशानी बढ़ा रहा है। गिग वर्कर्स के मुताबिक उन्हें सोशल सिक्योरिटी और बेहतर शर्ते की अनिवार्यता है।

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प्रवेश

प्रवेश पिछले पांच सालों से डिजीटल मीडिया से जुड़े हुए हैं। प्रवेश पंजाब केसरी और अमर उजाला के अलावा कई न्यूज वेबसाइट पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर चुके हैं। प्रवेश को ग्राफिक डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग का भी 2 साल का अनुभव है।

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