lucky oberoi : पंजाब में फिर से गोलीबाजों के क्राइम दस्तक सुनाई दी। बता दें कि पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय नेता लक्की ओबेरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात मॉडल टाउन क्षेत्र में स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर उस टाइम हुई, जब लक्की ओबेरॉय अरदास के बाद बाहर निकलकर अपनी कार में बैठने वाले थे। तभी पहले से घात लगाए बैठे 2 अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। ऐसे में गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मची (lucky oberoi)
पाठकों को बता दें कि अचानक हुई इस फायरिंग से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग भय के मारे इधर-उधर भागने लगे। आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर अवसर पाते ही से फरार हो गए।

पुलिस कर रही है जांच (lucky oberoi)
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच आरंभ कर दी गई है, गुरुद्वारे और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों की अच्छे से पहचान की जा सके कि कौन लोग थे और लक्की को क्यों टारगेट किया गया था। इस हत्या के पश्चात पुलिस अपनी जांच का दायरा कई पहलुओं तक बढ़ा रही है। इसे पुरानी रंजिश से लेकर किसी बदमाश गैंग द्वारा वारदात को अंजाम देने या दायित्व लेने के एंगल तक, हर संभावित कारण की गहन जांच की जा रही है।
सामान्य नागरिकों के लिए क्या संभावना बची (lucky oberoi)
पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। हत्या की सूचना सामने आते ही बाजवा ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “जालंधर के एक गुरुद्वारे के बाहर आप नेता लकी ओबेरॉय की दिनदहाड़े हुई चौंकाने वाली हत्या ने इस भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया है। यदि सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सामान्य नागरिकों के लिए क्या उम्मीद बची है?”












