Motor Vehicle Rules Change : भारत सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में व्यापक संशोधन की राह में एक ओर कदम बढ़ा दिया हैं। दरअसल् बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2025 का खाका तैयार कर इस पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुनिश्चित रुप से सुझाव मांगे हैं। इसके बारे में आए जानें विस्तार से…
इस महिने की इस तारिख पर सुझावों पर होगी चर्चा (Motor Vehicle Rules Change)
पाठको को इस संबंध में राज्यों के प्रधान सचिवों, परिवहन सचिवों और परिवहन आयुक्तों को पत्र भेजा गया है। राज्यों से प्राप्त सुझावों पर 7 से 8 जनवरी को प्रस्तावित बैठक में चर्चा की जाएगी। प्रस्तावित संशोधन में शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े वाहन कानूनों में बेहद परिवर्तन किए गए हैं। अब तक कानून में एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बस को ‘ओम्नीबस’ की क्लास में रखा गया था, जो सिर्फ संस्थान की अपनी बसों तक सीमित था। नए संशोधन में ‘ओम्नीबस’ शब्द हटाकर क्लियर और व्यावहारिक परिभाषा दी गई है।

किराये की स्कूल बस अब एजुकेशनल बस मानी जाएगी (Motor Vehicle Rules Change )
इन नियमों की नियमत चालक को छोड़कर छह से ज्यादा यात्रियों को ले जाने वाले वे सभी वाहन, जिन्हें स्कूल या कॉलेज स्वामित्व, लीज या किराये पर लेकर छात्रों के परिवहन में इस्तेमाल करते है, एजुकेशनल बस मानी जाएंगी। बता दें कि इससे किराये पर संचालित स्कूल बसें भी नियमों के रुप में आ जाएंगी। सरकार के अनुसार, इससे छात्रों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और छात्रों के हित में लिए गए ये अहम फैसले सही एवं सुनिश्चित हैं।
वाहनों को वजन के आधार पर बांटने की तैयारी (Motor Vehicle Rules Change)
भारत सरकार संशोधन प्रस्ताव में वाहनों को वजन के आधार पर नई क्लासों में बांटने की भी तैयारी है। लाइट मोटर वाहन को अब दो वर्गों बांटा जाएगा। 3,500 कि.ग्रा तक के वाहन श्रेणी-1 और 3,500 से 7,500 किग्रा तक के वाहन क्लास-2 में रखे जाएंगे। वहीं छह से ज्यादा यात्रियों को ले जाने और 12,000 कि.ग्रा से ज्यादा वजन वाले वाहन हैवी पैसेंजर वाहन की क्लास में आएंगे। बता दें कि, 2025 के संशोधन विधेयक में मोटरसाइकिल और मोटर कैब को भी कान्ट्रैक्ट कैरिज में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार भिन्न-भिन्न यात्रियों से अलग किराया लेना भी वैध होगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार इससे बाइक टैक्सी और कैब सेवाओं को कानूनी मान्यता मिलने का रास्ता क्लियर होगा।













