Ganga Express-way Update : गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर बड़ी अपडेट आई है, बता दें कि मेरठ से प्रयागराज तक ये 594 किमी का एक्सप्रेस-वे जिसका लंबा 99.5 किमी हिस्सा हरदोई जिले से होकर गुजरता है। सालों की प्रतीक्षा के बाद अब यह जन-कल्याणकारी परियोजना करीब पूरी हो चुकी है। अब जल्द ही इस पर वाहनों का आगमन दिखने को मिल सकता है।
कब चालू हो सकते हैं एक्सप्रेस-वे पर वाहन (Ganga Express-way Update)
जल्द ही यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की टीम हरदोई खंड का अनुमोदन कर औपचारिकताएं पूरी करेगी। इस अनुमोदन के पश्चात 14 जनवरी या इससे आगे किसी भी टाइम एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति देखने को मिल सकती है। ऐसे में हरदोई जिले के साथ-साथ करीब के कई जिलों में आवागमन, व्यापार और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की संभावना है।

किन-किन शहरों को एक्सप्रेस-वे से मिलेगा फायदा (Ganga Express-way Update)
गंगा एक्सप्रेस-वे का हरदोई खंड न सिर्फ लंबाई के लिहाज से सबसे बड़ा है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी अती अहम माना जा रहा है। इस खंड में जिले के अंतर्गत तीन प्रमुख कट बनाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों को एक्सप्रेस-वे तक सीधा और सुगमदायक सफर का आनंद मिलेगा। इसके साथ ही दोनों ओर सर्विस लेन का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो गया है। इससे करीब के गांवों, कस्बों और औद्योगिक क्षेत्रों को एक्सप्रेस-वे से डायरेक्ट जोड़ा गया है, जो स्थानीय व्यापारियों, किसानों और उद्यमियों के लिए बड़ी राहत मिलेगी। एक्सप्रेस-वे से हरदोई ही नहीं, बल्कि मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज तक की दूरी और सफर का समय में बेहद कमी आएगी।
337 एकड़ भूमि पर आधुनिक लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित होगा (Ganga Express-way Update)
एनएचएआई विशेषज्ञों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे प्रदेश के आर्थिक नक्शे को नई मजबूती देने में कारगर साबित होगा। बता दें कि हरदोई जिले के लिए यह परियोजना औद्योगिक विकास के लिहाज से भी मील का पत्थर मानी जा रही है। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे सवायजपुर तहसील के कौशिया, सरसई, इनायतपुर और सेमरझाला क्षेत्र में करीब 337 एकड़ भूमि पर आधुनिक लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किया जाएगा।
इस क्लस्टर के बनने से गोदाम, ट्रांसपोर्ट, कोल्ड स्टोरेज और अन्य सहायक उद्योग स्थापित होंगे, जिससे आम युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे और जिले को एक नई औद्योगिक पहचान प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त हरदोई के विकास को और गति देने के लिए फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे (करीब 90 किमी) को भी स्वीकृति मिल चुकी है।












