Cold Wave Alert : देश भर में सर्दी का सितम अब शुरू हो गया है। कई राज्यों में अगले तीन दिन शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं आगामी दिनों में मौसम का क्या रूख रहेगा।
हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत उत्तर भारत में तापमान (Temperature) तेजी घट रहा है। सूर्योदय व सुर्यास्त के समय में भी काफी बदलाव आया है। यानी दिन के समय धूम कम रहने लगी है। इसके कारण अधिकतर क्षेत्रों में सुबह और रात के समय ठंड बढ़ रही है। बेशक दिन के समय अच्छी धूप मिल रही है, लेकिन इसका समय बहुत कम होने लगा है। ऐसे मौसम में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार 10, 11, 12 और 13 दिसंबर को कई राज्यों में शीतलहर (Cold wave warning) चल सकती है।
Cold Wave Alert : राजस्थान में कैसा रहेगा तापमान
राजस्थान (Rajasthan ka Mausam) में मौसम लगातार ठंडा हो रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम विभाग द्वारा राजस्थान में भी 10 से 13 दिसंबर तक कई जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली में भी ठंड का प्रभाव बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में 10-13 दिसंबर तक शीतलहर चलेगी। तापमान में भारी गिरावट होगी, जिससे सर्दी का सितम देखने को मिलेगा। हालांकि इस दौरान कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरा रहेगा।

Cold Wave Alert : हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम
देश की राजधानी दिल्ली (Haryana Ka Mausam) को तीन ओर से घेरने वाले राज्य में इस दौरान मौसम का मिजाज कुछ अलग रहेगा। हालांकि राजस्थान के साथ लगते नारनौल में देश का सबसे कम तापमान दर्ज किया जा चुका है। ऐसे में इस क्षेत्र में राजस्थान के मौसम का असर दिखेगा। वहीं दिल्ली के साथ लगते क्षेत्रों में कोहरा छाया रहने की आशंका है।
मध्य हरियाणा में 15 दिसंबर से शीतलहर की चेतावनी है। जींद, कैथल व फतेहाबाद जिलों में मंगलवार को पश्चिमी हवाएं चली। इससे दिन का तापमान कुछ सामान्य रहा। वहीं रात को तापमान गिर रहा है। मौसम विभाग ने 11–12 दिसंबर से फिर से मौसम में परिर्वतन का पूर्वानुमान दिया है। इसके साथ ही 15 दिसंबर के बाद शीतलहर की संभावना है। अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे आएगा।
Cold Wave Alert : किसानों के लिए एडवाइजरी
ऐसे में मौसम में गेहूं व सरसों की फसल का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञ डा. राजेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दी से फसलों का बचाव जरूरी है। अधिकतर गेहूं की बिजाई हो चुकी है। अब यदि बिजाई करनी है तो पछेती किस्मों का ही चुनाव करें। साथ ही यदि गेहूं की फसल में पहली सिंचाई नहीं की तो जरूर करे दें। इसके साथ ही पहली सिंचाई पर देने वाली यूरिया की खुराक भी दे दें। इसके अलावा खरपतवार नियंत्रण के लिए भी अभी से उपाय कर लें। लगातार ठंड रहने से खरपतवार नियंत्रक दवाओं का असर कम होगा। वहीं सरसों की फसल में फूल की स्थिति में सिंचाई जरूर करें।














