Jind CRSU Student Professor case : हरियाणा के जींद की चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में छात्राओं से यौन शोषण मामले में जांच के लिए शाम को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया जींद पहुंची। सबसे पहले विश्वविद्यालय में जाकर वीसी प्रोफेसर आरपी सैनी और रजिस्ट्रार प्रोफेसर लवलीन मोहन से पूरे मामले की जानकारी ली।
वाट्सएप चैट में छात्रा के साथ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने के आरोपित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई को लेकर असंतोष जताते हुए चेयरपर्सन ने कहा कि 24 घंटे के अंदर मामला दर्ज होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। वीसी प्रोफेसर आरपी सैनी ने चेयरपर्सन को बताया कि तीन दिसंबर को ये मामला कार्रवाई के लिए पुलिस को (Jind CRSU Student Professor case) भेज दिया गया है। वीसी और रजिस्ट्रार से बंद कमरे में बात करने के बाद चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने पीडब्ल्यूडी रैस्ट हाउस में एसपी कुलदीप सिंह और एएसपी सोनाक्षी सिंह से बात करते हुए मामला दर्ज करने के लिए कहा।

एसपी (SP) से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में रेणु भाटिया (Renu Bhatia) ने कहा कि शुक्रवार को भी जींद में ही हैं। वे इस मामले आगे और क्या कार्रवाई की गई, इसका जवाब शुक्रवार को एसपी और वीसी से मांगेंगी। एक प्रोफेसर स्तर के व्यक्ति द्वारा ऐसा वाट्सएप चैट लिखना बहुत ही शर्मनाक घटना है, जिसमें अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया है।
उक्त शिक्षक कह रहा है कि ये चैटिंग उसने नहीं की, किसी दोस्त ने की है। ऐसा संभव नहीं हो सकता कि कोई दूसरे का मोबाइल बगैर अनुमति के प्रयोग कर ले और इस तरह किसी के साथ चैटिंग करे। हालांकि मामले में शामिल आरोपित तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन हमें एक ऐसा उदाहरण पेश करना चाहिए कि फिर से ऐसी घटनाएं न हों।
Jind CRSU Student Professor case : ये है पूरा मामला
बता दें कि 27 नवंबर को विश्वविद्यालय के छात्र- छात्राओं ने एक शिकायत पत्र वीसी को सौंपा था। ये पत्र राज्यपाल के नाम लिखा गया था, जिसमें विश्वविद्यालय के तीन पार्टटाइम शिक्षकों पर यौन शोषण, मानसिक प्रताड़ना और व्यक्तिगत जातीय टिप्पणी करने के आरोप लगाए गए थे। वीसी (VC) ने कार्रवाई करते हुए आरोपित तीनों शिक्षकों को निलंबित करते हुए विश्वविद्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। वहीं मामले की जांच के लिए अंबाला गर्ल्स कालेज की पूर्व प्राचार्या के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम बनाई गई। वहीं बुधवार को वीसी ने कार्रवाई के लिए शिकायत पत्र कार्रवाई के लिए एसपी कुलदीप सिंह को सौंप दिया था। एसपी ने एएसपी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की।

Jind CRSU Student Professor case : मुश्किल से लड़कियां विश्वविद्यालय पहुंचती हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार होता है
महिला आयोग चेयरपर्सन रेणु भाटिया ने वीरवार शाम को विश्वविद्यालय में जाकर वीसी आरपी सैनी और रजिस्ट्रार प्रोफेसर लवलीन मोहन से पूरे मामले की जानकारी ली। वहीं उसके बाद पीडब्ल्यूडी रैस्ट हाउस (Jind PWD Rest House) में एसपी कुलदीप सिंह से जानकारी लेते हुए मामला दर्ज करने के लिए कहा। इस दौरान रेणू भाटिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें अफसोस है, एक प्रोफेसर लेवल का व्यक्ति वो इस तरह की भाषा का प्रयोग करता है। जो चैट निकल कर आई है, वो गलत है।
यह सभ्यता के नाम पर धब्बा है। वो उम्मीद करती हैं कि वीसी और रजिस्ट्रार ने जो एक्शन की बात कही है वो ठीक है। वो उन प्रोफेसर के खिलाफ जांच करवा रहे हैं। अध्यक्ष रेणू भाटिया (Renu Bhatia) ने कहा कि तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। अगर ऐसे शिक्षक सस्पेंड होते हैं, तो वो यह मानसिकता दूसरे विश्वविद्यालयों में ले जाएंगे। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने एसपी व एएसपी से इस मामले में विस्तार से चर्चा की है।
अध्यक्ष रेणू भाटिया ने कहा कि क्या कोई किसी फोन के उठा कर कोई मैसेज कर सकता है। प्रोफेसर का कहना है कि किसी ने मेरा फोन उठा कर दूसरे ने मैसेज किए हैं, तो प्रोफेसर को चाहिए कि उसका नाम बताए। दूसरे का फोन कोई प्रयोग करता है, तो उसकी जानकारी पता होती है। अगर मोबाइल हैक हो जाए, तो उसकी रिपोर्ट की जाती है। लेकिन प्रोफेसर ने ऐसा (Jind CRSU) नही किया। बहुत मुश्किल से लड़कियां विश्वविद्यालय तक पहुंचती है और आप उनके साथ ऐसा व्यवहार कर आगे बढ़ने से रोकते हैं। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

Jind CRSU Student Professor case : शिकायत पत्र में ये हैं आरोप
शिकायत पत्र में लिखा गया है कि तीन शिक्षकों ने कक्षा के दौरान और कक्षा के बाहर अशोभनीय व अश्लील टिप्पणियां की। छात्राओं से बार-बार अनुचित व्यक्तिगत प्रश्न पूछे गए। एक छात्रा से आपत्तिजनक बातें कही गई। कई छात्राओं के पहनावे, शरीर और दिखावे पर व्यक्तिगत सैक्सुअल कमेंट किए गए। आंतरिक अंक और उपस्थिति को हथियार बना कर अनुचित दबाव बनाया गया।
मना करने पर इनमें से एक शिक्षक ने कार्रवाई की धमकी दी। वहीं दूसरे शिक्षक पर आरोप लगाए गए हैं कि वे छात्राओं के पास रात को 11 बजे वाट्सएप वीडियो काल करते हैं और न्यूड फोटो भेजते हैं। वहीं इन दोनों में से एक शिक्षक और तीसरे शिक्षक पर एससी, बीसी और ओबीसी समुदाय को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां करने के आरोप हैं।
Jind CRSU Student Professor case : वीसी बोले, छात्राएं पीछे हट भी गई, तो स्वयं जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करवाएंगे
वीरवार को एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी व अन्य कार्यकर्ता यौन शोषण मामले को लेकर वीसी प्रोफेसर रामपाल सैनी से मिले। वीसी ने बताया कि तीन दिसंबर को मामला पुलिस प्रशासन को सौंप दिया गया है। उनके पास जो चिट्ठी आई थी, वह गुमनाम थी। गुमनाम चिट्ठी पर कार्रवाई नहीं होती, लेकिन छात्राओं से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस प्रशासन को सौंप दिया है। तीनों आरोपित शिक्षकों को रिलीव करने के साथ- साथ उनके विश्वविद्यालय में प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। इस मामले में वे लगातार एसपी कुलदीप सिंह के संपर्क में हैं।

वीसी ने कहा कि गुरु- शिष्य का रिश्ता बड़ा ही संवेदनशील है। अगर यह मामला सत्य पाया जाता है, तो जो छात्राएं जिनके साथ यह मामला हुआ है, वह भले ही पीछे हट जाएं, लेकिन वे स्वयं इन पर कानूनी कार्रवाई करवाएंगे। यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इन व्यक्तियों को कम से कम अध्यापक की नौकरी तो पूरी दुनिया में कहीं ना मिले। एबीवीपी ने वीसी के सामने मांग रखी कि जल्द से जल्द इस मामले की सुनवाई की जाए। अगर मामले में विलंब होता है, तो छात्राओं की जानकारी निकाल कर आरोपित उन पर दबाव बनाने का कार्य करेंगे।
शिकायत के अनुसार मामले में आरोपित एक शिक्षक की पत्नी विश्वविद्यालय में ही कार्यरत है, जोकि उन पर समझौते के लिए दबाव बना रही है। वीसी ने मामले में कार्रवाई करते हुए उस महिला से एक बड़ा चार्ज वापस ले लिया। वहीं एबीवीपी के प्रदेश मंत्री राहुल वर्मा ने बताया कि इस मामले में रोज प्रदर्शन करते हुए वीरवार को प्रदेश के प्रत्येक जिले के अंदर तीनों प्रोफेसर का पुतला जलाया है।













