Hisar Railway Station Hitech : हिसार रेलवे स्टेशन (हरियाणा) की सिक्योरिटी को और मजबूत करने के लिए रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बड़ा फैसला लिया है। स्टेशन को पूरी सिक्योरिटी में लाने के लिए यह फैसला लिया गया है। रेलवे ने करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट को भी परिमिशन दी है। इसके अतिरिक्त, कंस्ट्रक्शन के लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं। इस रेलवे स्टेशन को पूरी तरह सुरक्षित दायरे में लाने के लिए करीब 2200 मी. लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने के अनुसार, वर्तमान में स्टेशन परिसर (Hisar Railway Station Hitech) के करीब कई स्थानों पर खुली जगह होने के कारण से बाहरी और अनधिकृत लोगों की आवाजाही बढ़ रही है। इससे यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान का खतरा बना रहता है। कई बार शरारती तत्व बिना रोक-टोक परिसर में एंट्री कर जाते हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बाधित होती है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन को पूरी तरह घेरने का निर्णय लिया है। नई बाउंड्रीवॉल आधुनिक डिजाइन के साथ तैयार की जाएगी, जो न सिर्फ स्टेशन की सुरक्षा को बेहतर बनाएगी बल्कि पूरे परिसर की स्वच्छता और सुंदर बनाने में भी सुधार लाएगी।

दीवार बनने के बाद स्टेशन (Hisar Railway Station Hitech) में एंट्री सिर्फ निर्धारित गेटों और प्लेटफॉर्म मार्गों से ही संभव होगा। इससे यात्रियों की आवाजाही पर कंट्रोल और सुरक्षा कर्मियों को निगरानी में भी आसानी होगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेलवे स्टेशन क्षेत्र के कई हिस्सों में अतिक्रमण की संभावना बनी रहती है। मजबूत बाउंड्रीवॉल बनने के पश्चात रेलवे भूमि को सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी और संभावित अतिक्रमण पूरी तरह रुक जाएगा। साथ ही, रात के समय असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर रोक लगेगी।
रेलवे स्टेशन अधिकारियों के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद हिसार रेलवे स्टेशन (Hisar Railway Station Hitech) ज्यादा सुरक्षित, साफ-सुथरा और व्यवस्थित रूप में दिखाई देगा। यात्रियों को बेहतर सुरक्षा वातावरण मिलेगा और स्टेशन प्रबंधन को भी संचालन में सुविधा होगी। रेलवे का टारगेट है कि यह कार्य समय पर पूरा किया जाए, ताकि यात्री बिना किसी असुविधा के बेहतर सुविधाओं का फायदा उठा सकें। हिसार रेलवे स्टेशन (Hisar Railway Station Hitech) की 2200 मीटर लंबी मजबूत बाउंड्रीवॉल बनाने की योजना तैयार कर ली गई है। इस परियोजना के लिए रेलवे द्वारा 2 करोड़ 19 लाख रुपये की स्वीकृति भी दे दी गई है।













