bitten by a wasp : कभी आपको भिरड़ का काटना एक बहुत ही दर्दनाक अनुभव हुआ होगा है। मधुमक्खी के विपरीत, बिरड़ आपको कई बार डंक मार सकती है, क्योंकि इसका डंक शरीर से भिन्न नहीं होता। भिरड़ का डंक एक ज़हरीला रसायन (Alkaline Venom) शरीर में डाल देता है, जिसके कारण तेज़ दर्द, जलन, लालिमा और तुरंत सूजन आ जाती है। जोकि बेहद दर्द महसूस करवाता है।
कुछ अधिकत्तर केसों में, यह केवल दर्दनाक होता है और घरेलू उपचार से ठीक हो जाता है। मगर कुछ लोगों को एलर्जी (Allergy) की समस्या हो सकती है, जो ख़तरनाक साबित हो सकती है। इसलिए, भिरड़ के काटने पर तुरंत सही और असरदार इलाज करना बेहद आवश्य है।
भिरड़ (bitten by a wasp) के काटने पर ये 4 काम तुरंत करें
डंक की जगह को अच्छे से परखें : मधुमक्खी का डंक यदि शरीर में रह जाता है, मगर भिरड़ का डंक अमूमन बाहर निकल जाता है। यदि आपको डंक का कोई भी हिस्सा त्वचा में नज़र आता है, तो उसे तुरंत हटाएँ।
क्या न करें: डंक को अपनी उंगलियों या चिमटी से दबाकर निकालने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे डंक से और अधिक ज़हर बाहर आ सकता है।
क्या करें: किसी क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड या किसी सपाट किनारे वाली चीज़ से डंक वाली जगह को खुरचकर (scrape) निकाल दें।
जगह को क्लियर करें : डंक निकालने के तुरंत बाद, प्रभावित जगह को साबुन और ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। यह ज़हर को फैलने से रोकेगा और संक्रमण (Infection) के ख़तरे को कम करेगा।
बर्फ से सिकाई करें : दर्द और सूजन को तुरंत कम करने का यह सबसे सरल और असरदार तरीका है। एक साफ़ कपड़े में बर्फ के कुछ टुकड़े लपेटें या फ्रोजन मटर का पैकेट लें। इसे डंक वाली जगह पर 10 से 15 मिनट तक रखें, इससे रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं और सूजन तेज़ी से कम होती है।
अंग को ऊपर रखें : यदि डंक हाथ या पैर में लगा है, तो प्रयास करें कि उस अंग को दिल के स्तर से ऊपर रखें। ऐसा करने से उस जगह पर खून का बहाव कम होता है और सूजन जल्दी उतरती है।

भिरड़ (bitten by a wasp) काटने के 10 असरदार घरेलू इलाज
1. सिरका : सिरका अपनी अम्लीय प्रकृति की वजह से भिरड़ के ज़हर को बेअसर करने में सबसे बेहतरीन विकल्प है। एक रुई के फ़ाहे को सिरके में भिगोएँ और इसे 5-10 मिनट के लिए डंक वाली जगह पर रखें। आप तुरंत जलन और दर्द से राहत पा सकते है।
2. बेकिंग सोडा पेस्ट : बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) एक तटस्थ (Neutralizing) पदार्थ है जो ज़हर के pH लेवल को संतुलित करने में सहायक है। आप एक चम्मच बेकिंग सोडा में कुछ बूँदें पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएँ। इसे डंक वाली जगह पर लगाएँ और सूखने दें, जिससे आपको आराम मिलेगा।
3. नींबू का रस : नींबू में प्राकृतिक रूप से अम्लता होती है, आप ताज़े नींबू के रस की कुछ बूँदें सीधे डंक वाली जगह पर लगाएँ।
4. शहद : शहद में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन-रोधी) और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। जिसे आप थोड़ा सा शहद डंक पर लगाएँ यह दर्द और सूजन को कम करने में सहायक है।
5. लहसुन का पेस्ट : लहसुन में दर्द निवारक (Pain-Relieving) और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, तो आप लहसुन की एक कली को पीसकर या काटकर डंक पर लगाएँ।
6. टूथपेस्ट : सफ़ेद टूथपेस्ट (जेल वाला नहीं) यदि बेकिंग सोडा या अन्य न्यूट्रलाइज़र से बना होता है, जोकि ज़हर पर काम करता है, आप डंक पर थोड़ी मात्रा में टूथपेस्ट लगाएँ।
7. प्याज का रस : प्याज में ऐसे एंजाइम होते हैं जो ज़हर को तोड़ सकते हैं, मगर आप प्याज का एक टुकड़ा काटें और उसे डंक वाली जगह पर रगड़ें या दबाकर उसका रस लगाएँ।
8. एलोवेरा जेल : एलोवेरा में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो जलन और लालिमा को तुरंत शांत करते हैं। अब आप ताज़ा एलोवेरा पत्ती का जेल या बाज़ार से खरीदा हुआ शुद्ध जेल लगाएँ।
9. मिट्टी : साफ़ और ठंडी मिट्टी (अगर उपलब्ध हो) ज़हर को सोखने और सूजन कम करने में सहायक है। आप थोड़ी सी साफ़ मिट्टी को पानी के साथ मिलाकर पेस्ट बनाएँ और लगाएँ।
10. तुलसी के पत्ते : तुलसी में प्राकृतिक रूप से एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। आप तुलसी के पत्तों को मसलकर (Crush करके) उसका रस डंक पर लगाएँ।

भिरड़ (bitten by a wasp) के काटने की सूजन ऐसे उतारे
आईस पैक (Ice Pack): पहले चरण में बताए मुताबिक, बार-बार बर्फ से सिकाई करना सूजन कम करने का सबसे वैज्ञानिक और प्रभावी तरीका है।
दवा (Medicine): यदि सूजन बहुत अधिक है, तो आप डॉक्टर की सलाह से कोई एंटीहिस्टामाइन (Antihistamine) टैबलेट ले सकते हैं। यह शरीर की एलर्जी वाली प्रतिक्रिया को कम करने मे सहायक है।
हाइड्रोकोर्टिसोन क्रीम : यह हल्की स्टेरॉइड क्रीम होती है जो डॉक्टर की सलाह पर लगाई जा सकती है। यह लालिमा, खुजली और सूजन को बहुत तेज़ी से कम करती है। इसे दिन में दो बार लगाएँ।
पेट्रोलियम जेली: कुछ मामलों में, डंक वाली जगह को नमी देने और संक्रमण से बचाने के लिए आप पेट्रोलियम जेली (Vaseline) लगाये।
याद रखें: यदि आपको या आपके परिवार में किसी को पहले से मधुमक्खी या भिरड़ के डंक से गंभीर एलर्जी हो चुकी है, तो तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करें या आपातकालीन डॉक्टर से हेल्प लें।













