आज के समय में इन्वर्टर बैटरी का इस्तेमाल ज्यादात्तर घरों, दुकानों और ऑफिस आदि में किया जाता है। एक बार इन्वर्टर बैटरी लगवाने के बाद ज्यादात्तर नागरिक इसकी मेंटेनेंस को इग्नोर कर देते हैं। इन्वर्टर बैटरी में ब्लास्ट होने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन हादसों में जान और माल दोनों की हानी होती है।
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इन्वर्टर बैटरी में ब्लास्ट होने के पीछे कुछ सामान्य गलतियां हैं। इन गलतियों के चलते घर, ऑफिस या दुकान आदि में ब्लास्ट हो सकता है। इन्वर्टर बैटरी की चपेट में आने वाले लोगों की जान तक जा सकती है।
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इन्वर्टर बैटरी के अंदर डिस्टिल वाटर होता है, जो वक्त के साथ कम भी हो जाता है। समय के साथ-साथ इन्वर्टर बैटरी के अंदर डिस्टिल वॉटर कम होता जाता है, जिसको रिफिल भी करना होता है।
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यदि डिस्टिल वॉटर नहीं डालते हैं तो चार्जिंग के दौरान बैटरी तेज गर्म हो जाती हैं, जिसके कारण से वे ब्लास्ट की वजह बनती हैं। साथ ही बैटरी खराब भी हो सकती है।
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इन्वर्टर बैटरी के साथ सही चार्जर का इस्तेमाल करना अवश्य है। बहुत से यूजर्स इन्वर्टर बैटरी के लिए गलत UPS का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से बैटरी ओवर चार्ज हो जाती है। ओवर चार्जिंग की वजह से बैटरी जरूरत से ज्यादा हीट जनरेट करती है, इसकी वजह से बैटरी में ब्लास्ट हो सकता है।
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इन्वर्टर बैटरी के साथ वेंटीलेशन की सुविधा होनी चाहिए। बैटरी चार्जिंग के दौरान हीट जनरेट करती है और प्रॉपर वेंटीलेशन उन बैटरी को ठंडक प्रोवाइड कराता।
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इन्वर्टर बैटरी पर लगे टर्मिनल को रेगुलर साफ करना चाहिए। स्पार्किंग की वजह से भी बैटरी में ब्लास्ट हो जाएगा, इसके लिए इन्वर्टर बैटरी को रेगुलर चेक करें।
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इन्वर्टर बैटरी को सेफ रखने के लिए अवश्य है कि उनकी मेंटेनेंस का ध्यान रखा जाए। पानी लेवल, वेंटीलेशन और सही चार्जर का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से इन्वर्टर का बैटरी कई साल तक चलेगी।
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