Jind illegal colonies : हरियाणा के जींद में जिला नगर योजनाकार विभाग ने अवैध कॉलोनियों की लिस्ट को सार्वजनिक कर दिया है। विभाग ने आम लोगों से आह्वान किया है कि DTP कंट्रोल एरिया में किसी भी तरह की जमीन की खरीद–फरोख्त से पहले देख लें कि वह जमीन वैध है या फिर अवैध है। भू–माफियाओं के चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई न गवाएं।
बता दें कि जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ अनधिकृत कालोनियों का विकास किया जा रहा है। जिला नगर योजनाकार मनीष दहिया ने बताया कि इन कालोनियों का निर्माण बिना विभाग से आवश्यक लाइसेंस, सीएलयू और एनओसी प्राप्त किए किया जा रहा है, जो नियमानुसार पूरी तरह से अवैध (Jind illegal colonies) है। कार्यालय द्वारा संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।
Jind illegal colonies : नरवाना और सफीदों में यहां है अवैध जमीन
नरवाना उपमंडल के राजस्व एस्टेट खसरा नंबर 335//9, सफीदों उपमंडल के गांव खेड़ा खेमावती के राजस्व एस्टेट खसरा नंबर 40//26/6,26/3/1/10,26/3/1/15/1, 26/3/4/3, 26/3/4/5, 26/3/5 व सिंगपुरा गांव के राजस्व एस्टेट खसरा नंबर 28//17, 18/1,24, 25/1, 25/2, 29//21/1, 38//1/1, 39//5/1, 39//5/2 में अवैध रूप से विकसित किए जा रहे भू-खंडों, प्लाटों के संबंध में किसी भी प्रकार का विक्रय विलेख, विक्रय समझौता, पूर्ण भुगतान समझौता या पावर आफ अटार्नी का पंजीकरण न करने की (Jind illegal colonies) अपील की गई है।
जिला नगर योजनाकार मनीष दहिया ने कहा कि किसी भी अवैध कालोनी में भू-खंड खरीदने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य कर लें। अन्यथा, उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना (Jind illegal colonies) पड़ सकता है। जमीन वैध है या अवैध है, इसकी जानकारी लेने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग कार्यालय (Jind DTP Office) में किसी भी कार्य दिवस में आकर जानकारी ली जा सकती है।













