नमो भारत को मिली मंजूरी, इन 6 शहरो के लोगो की होगी अब बल्ले-बल्ले

दिल्ली के सराय काले खां से राजस्थान के अलवर शहर के बीच नमो भारत ट्रेन चलाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। पहले चरण में दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए रेवाड़ी के बावल तक ट्रैक बिछाया जाएगा।

उसके बाद इसे अलवर तक कनेक्ट किए जाएगा। ऐसे में करीब 100 किलोमीटर से अधिक की यह दूरी महज 40 मिनट में सिमटने की आशंका जताई जा रही है। इस मंजूरी के बाद से दिल्ली से अलवर के मध्य में आने वाले करीब 6 शहरों और कस्बों की विकास को चार चांद लग जाएंगे। क्योंकि यहां प्लाटों की कीमतें आसमां छूएगी।

हरियाणा, दिल्ली समेत पूरे एनसीआर को बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए मेट्रो के अलावा रैपिड मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों के संचालन रूट का विस्तार किया जा रहा है।

इसी के तहत दिल्ली से अलवर के लिए चलने वाली नमो इसके लिए विस्तृत परियोजना तैयार की जा चुकी है, बस वित्त विभाग की तरफ से सभी औपचारिकताएं पूरी होने का काम किया जाना बाकी है।

दिल्ली और अलवर के मध्य करीब 6 बड़े शहर और कस्बे पड़ते हैं। वहीं छोटे कस्बों और गांवों की संख्या भी अच्छी खासी है। रेवाड़ी के आगे बढ़ते ही राजस्थान के वे इलाके आ जाते हैं जहां इस नमो भारत कॉरिडोर के बनने से लोगों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है।

क्योंकि वहां न मेट्रो है और न ही रैपिड मेट्रो जैसी सुविधाएं हैं। हालांकि अब नमो भारत कॉरिडोर से इन क्षेत्रो को सीधी कनेक्टिविटी एनसीआर के शहरों के लिए मिलेगी।

प्रॉपर्टी लेनदने के फाउंडर और रियल एस्टेट एनालिस्ट भूपेंद्र सिंह कहते हैं कि जब भी कोई सरकारी योजना या परियोजना आती है तो निश्चित ही इलाके का विकास होना तय है। नए प्रोजेक्ट न सिर्फ लोगों को सुविधाएं देते हैं बल्कि आसपास की अन्य व्यवस्थाओं को भी मजबूती मिलती है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने के साथ ही इलाके की जमीन की कीमतें भी बढ़ती है। पिछली ऐसी ही कई परियोजनाओं पर नजर डालें तो देख सकते हैं कि दिल्ली-एनसीआर के शहरों में जहां-जहां मेट्रो, एक्सप्रेसवे, नमो भारत या रैपिड मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाएं पहुंची हैं वहां जमीनों की कीमतें बढ़ने के साथ ही अन्य तमाम सुविधाएं भी तेजी से बढ़ी हैं।

ऐसे में अलवर तक पहुंचने वाली इस परियोजना से दिल्ली से पलवल के मध्य में आने वाले इलाकों को तो फायदा होगा ही जो लोग अभी से इन इलाकों में निवेश करेंगे, उन्हें आने वाले कुछ सालों में ही बड़ा फायदा मिलने की संभावना है। एनसीआर का विस्तार अब इसी तरफ हो रहा है।