Auto Mutation System : हरियाणा में 1 नवंबर से जमीन पंजीकरण से लेकर फर्द, इंतकाल, जमीन रजिस्ट्री (land registry) अब पूरी तरह से पेपरलैस होने जा रही है। ऐसे में जमीन की रजिस्ट्री के बाद स्वामित्व भी आटोमेटिक ट्रांसफर हो जाएगा। कागज उठाकर तहसीलों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं रहेगी। सरकार 25 नवंबर से आटो म्यूटेशन सिस्टम लागू करने जा रही है। इसमें रजिस्ट्री करवाने के बाद रिकार्ड में स्वामित्व आटोमेटिक ट्रांसफर हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे फर्जीवाड़ा रूकेगा।
यह भी बता दें कि इसके लिए किसी भी तहसील में फिजिकल वेरिफिकेशन (Auto Mutation System lad registration) की जरूरत नहीं पड़ेगी, रजिस्ट्रियों पर डिजिटल सिग्नेचर होंगे। विभागीय वेबसाइट से रजिस्ट्री डाउनलोड करने पर डिजिटल साइन हुए मिलेंगे और यही मान्य होंगे। इस पर एक क्यूआर कोड भी होगा, जिससे स्कैन करते ही असली रजिस्ट्री सामने आ जाएगी। इसमें किसी तरह की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़ा नहीं होगा। वहीं कागज या रजिस्ट्री समेत दूसरे महत्वपूर्ण कागज गुम होने का भी जोखिम नहीं होगा। साइट से जब जी चाहे, निकलवाया जा सकेगा। डिजिटल सिस्टम आने के बाद काम में अनावश्यक देरी भी नहीं होगी और तहसीलों के चक्कर कम हो जाएंगे।
अब तक यह होता आ रहा था कि जमीन की रजिस्ट्री (Land registration Auto Mutation System) के बाद मालिक का नाम अलग से बाद में ट्रांसफर करवाना पड़ता था। इसकी एवज में कई बार रिश्वत लेने के मामले भी सामने आए हैं। जो रिश्वत नहीं देता, उसका काम लंबित कर दिया जाता था। सरकार ने इस पर संज्ञान लिया और ऑनलाइन सिस्टम किए जाने के बाद इस करप्शन पर कुछ हद तक रोक लगने की संभावना है।
Auto Mutation System : सरकार ने जारी किए ये निर्देश
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और वित्तायुक्त डा. सुमिता मिश्रा ने सभी जिलों के डीसी के साथ वीसी की। इसमें उउन्होंने बताया कि जल्द ही सभी तहसील कार्यालयों में क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू कर दिया जाएगा। इस पर आमजन अपनी सेवा अनुभव को रेटिंग देने के साथ ही किसी भी समस्या की रियल-टाइम रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
Auto Mutation System : निशानदेही के आवेदन भी होंगे पोर्टल के माध्यम से
निशानदेही (ground marking) के लिए अब ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। केवल ऑनलाइन पोर्टल से ही आवेदन मान्य किए जाएंगे। इसका चार्ज भी फिक्स किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में निशानदेही के लिए एक हजार रुपए प्रति एकड़ और अतिरिक्त एकड़ के 500 रुपए चार्ज निर्धारित किया गया है। शहरी क्षेत्र की बात करें तो शहरी क्षेत्र में दो हजार रुपए चार्ज फिक्स किया गया है। निशानदेही की प्रक्रिया जीपीएस (GPS) इनेबल्ड रोवर तकनीक के माध्यम से की जाएगी और अनुमोदन सर्कल रेवेन्यू आफिसर्स व कानूनगो द्वारा किया जाएगा। फीस भी ऑनलाइन सरकारी ई-गवर्नेंस पेमेंट गेटवे के माध्यम से ही भुगतान होगा।












