Jind candidates disqualified : हरियाणा के जींद जिले में 2022 में हुए चुनावों के बाद चुनावी खर्च का ब्योरा जमा नहीं करवाने के कारण 40 उम्मीदवारों को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी ने 5 साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इनमें 3 तो ऐसे उम्मीदवार हैं, जो इस समय पार्षद बने हुए हैं। ऐसे में इनकी सदस्यता पर तलवार लटक गई है।
बता दें कि जींद नगर परिषद (Jind Nagar Parisad) वार्ड 17 से पार्षद सुशीला चहल, वार्ड 21 से सतपाल कुंडू और उचाना नगरपालिका के वार्ड 12 से पार्षद गीता ने भी अभी तक चुनावी खर्च का ब्योरा नहीं दिखाया है, इसलिए इन पर भी कार्रवाई की गाज गिरी है। पार्षदों ने हरियाणा चुनाव आयोग में अपील की है। अगर राज्य चुनाव आयोग से भी राहत नहीं मिलती है, तो उनके पास हाईकोर्ट में जाने का विकल्प होगा। गौरतलब है कि नगर परिषद जींद व नरवाना, नगरपालिका उचाना व सफीदों के आम चुनाव 19 जून 2022 को हुए थे। जिसका परिणाम 22 जून 2022 को घोषित हुआ था।
जिला निर्वाचन अधिकारी (DC Jind) की तरफ से जारी पत्र के अनुसार जींद नगर परिषद से पार्षद का चुनाव लड़ने वाले गीता देवी, सुनीता, धीरज उर्फ काला, मोहन लाल, राम सिंह परदेसी, राजकुमार उर्फ राजू, विकास जांगड़ा, शुभम जयहिंद, राजेश कुमार, रूपराम, अशोक जैन, चंद्रकांत, ईशा दूहन, सुशीला चहल, राजीव, मोहित आसरी, राजेश, रामनिवास, सतपाल, तमन्ना, कुसुम, रीतु, नवीन, रमेश कुमार, सुनीता देवी, सीमा रानी, सुनील जैन, बजरंग गर्ग, सतीश, सुनील कुमार, पूनम देवी, मोनिका, अतर सिंह, राममेहर, पूर्व पार्षद राममेहर ने निर्धारित समय में चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं दिया।

Jind : इस एक्ट के तहत माने जाते हैं अयोग्य
वहीं सफीदों नगरपालिका (Jind Safidon Nagarpalika) से पार्षद उम्मीदवार रहे बिट्टू सिहान, नरेश कुमार और उचाना नगरपालिका से पार्षद उम्मीदवार जगदीश, सुषमा व गीता ने चुनाव खर्च का ब्योरा नहीं दिया था। पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद निर्धारित समय के भीतर अपने चुनाव व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने में विफल रहे। हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 और उसमें निहित नियमों के प्रविधानों के अनुसार व्यय संबंधी कोई रसीद या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहने पर उनकी उम्मीदवारी अयोग्य ठहराई जाती है। हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 की धारा 13एफ के अंतर्गत आदेश की तिथि से आगामी पांच वर्ष की अवधि के लिए नगर परिषद या नगरपालिका के सदस्य चुने जाने या सदस्य बने रहने के लिए अयोग्य माने जाते हैं।
Jind : ये है प्रविधान
हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 की धारा 13ई के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव में स्वयं या अपने चुनाव एजेंट के माध्यम से अपने नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि से लेकर उसके परिणाम की घोषणा की तिथि तक किए गए अधिकृत सभी व्ययों का एक अलग और सही लेखा रखना होता है। उक्त व्यय की कुल राशि राज्य चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर अधिसूचित की गई राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।
हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 की धारा 13एफ में प्रविधान है, अगर राज्य चुनाव आयोग को यह विश्वास हो जाता है कि कोई व्यक्ति निर्धारित समय और तरीके से चुनाव व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने में विफल रहा है, तो पांच वर्ष की अवधि के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
Jind : राज्य चुनाव आयोग में की है अपील
वार्ड 17 से पार्षद सुशीला चहल ने बताया कि किन्हीं कारणों वे चुनावी खर्च जमा नहीं करवा पाई थी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने उनको दो बार सुनवाई के लिए बुलाया था। तब उन्होंने अपना जवाब दे दिया था। जिला निर्वाचन अधिकारी के फैसले के खिलाफ राज्य चुनाव आयोग को अपील की गई है। जिसके साथ समय पर चुनावी खर्च जमा नहीं करवा पाने का कारण भी लिख कर दिया है।













