Haryana pollution level : हरियाणा में फसल अवशेष जलाने के मामले बढ़ने लगे हैं, ऐसे में कृष विभाग के जिन कर्मचारियों की ड्यूटी फसल अवशेष जलाने से रोकने को लेकर लगी है, उनकी 30 नवंबर तक छुट्टियां कैंसिल कर दी गई हैं। उन्हें जब तक सीजन खत्म नहीं होता, तब तक बिना छुट्टी के ही कर्मचारियों को लगातार ड्यूटी करनी होगी।
वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने जिले में पटाखों की बिक्री व आतिशबाजी पर रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद रात को शहर व गांवों में जमकर आतिशबाजी हो रही है। वहीं जिले में अब तक धान के फसल अवशेष जलाने के पांच मामले सामने आ चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण का स्तर (Haryana pollution level) बढ़ रहा है।
रविवार को एक्यूआई (AQI) औसतन 152 रहा। दीवाली के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। जिला प्रशासन पटाखों की बिक्री रोकने और खेतों में फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए सख्ती बरत रहा है। पुलिस द्वारा जींद, जुलाना व जींद में अवैध पटाखों का स्टाक पकड़ा जा चुका है।
Haryana pollution level : फसल अवशेष जलाने वाले 5 किसानों पर FIR दर्ज
वहीं फसल अवशेष जलाने पर कृषि विभाग की तरफ से पांच किसानों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई जा चुकी है। कृषि विभाग के जिन कर्मचारियों की फसल जलाने से रोकने के लिए ड्यूटी लगी हुई है। उनकी 30 नवंबर तक छुट्टियां रद की गई हैं। हालांकि पिछले साल से तुलना करें, तो अब तक फसल अवशेष जलने के 85 प्रतिशत मामले कम आए हैं। पिछले साल 19 अक्टूबर तक फसल अवशेष जलाने के 48 मामले आए थे। वहीं इस बार फसल अवशेष जलाने के पांच मामले आए हैं।
Haryana pollution level : मामलों में आई है कमी : डीडीए
जिला कृषि उप निदेशक डा. गिरिश नागपाल ने बताया कि फसल अवशेष जलाने वालों पर जुर्माना लगाने के साथ एफआइआर दर्ज करवाई जा रही है। पिछले साल की तुलना में अब तक मामले कम आए हैं। गांवों में कर्मचारी निगरानी कर रहे हैं। 30 नवंबर तक छुट्टियां रद की गई है। सोमवार को दीवाली को भी कर्मचारी ड्यूटी देंगे।













