Kalwan Sheetla Mata Mandir : हरियाणा में गुरुग्राम के अलावा भी एक जगह और माता शीतला का 300 साल पुराना मंदिर स्थित है। हम आपको आज उस मंदिर के इतिहास के बारे में बताएंगे। जींद जिला मुख्यालय से करीब 70 और नरवाना क्षेत्र से 25 किलोमीटर दूर पंजाब की सीमा से सटे कालवन गांव में लगभग 300 साल पुराना शीतला माता का मंदिर है। मंदिर को लेकर खास बात यह कही जा रही है कि हरियाणा में गुरूग्राम में बनें शीतला माता के मंदिर के बाद कालवन गांव में यह दूसरा मंदिर है।
कालवन के इस मंदिर (Kalwan Sheetla Mata Mandir) में यहां साल में बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। उस मेले में पंजाब के आसपास के गांवों से तो श्रद्वालु पूजा अर्चना करने के लिए आते ही हैं और साथ ही हरियाणा के भी कई जिलों से यहां लोग पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। वहीं गांव में एक कपालेश्वर तीर्थ स्थल भी है। जो कि 700 साल से भी पुराना है। इस स्थल पर भी श्रद्वालुओं की गहरी आस्था है। टोहाना के समीपवर्ती होने के कारण इस गांव के साथ फतेहाबाद जिले की भी सीमा लगती है।
Kalwan Village Jind : यहां राजा भरथरी ने बनाया था कपालेश्वर तीर्थ
गांव में एक और खास बात यह है कि गांव में राजा भरथरी द्वारा बनाया गया कपालेश्वर तीर्थ और महर्षि दयानंद पक्षी विहार भी है। जिसने गांव को एक अलग पहचान दिलवाई हुई है। यह पक्षी विहार अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के बसेरे के लिए जाना जाता है। यहां मध्य एशिया, रूस, और मंगोलिया सहित विभिन्न देशों से हजारों प्रवासी पक्षी आते हैं, जिनमें दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल हैं।

गांव में रेल व बस सुविधा को लेकर बात की जाए तो गांव को स्टेशन आज भी हाल्ट है। जहां से ट्रेनें तो काफी गुजरती है लेकिन गांव के लोगों को कुछेक (Kalwan Sheetla Mata Mandir) लोकल ट्रेनों का ही लाभ मिल पाता है। लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव नहीं हो पाने के चलते ग्रामीण सफर करने से वंचित रह जाते हैं। बस कनेक्टिविटी गांव में बेहतर है। गांव के बीच से ही निकलने वाला नरवाना टोहाना मार्ग है। यहां गांव के बस स्टैंड पर बसों का ठहराव होता है। इसके अलावा गांव में छुटमूट समस्याओं के अलावा कोई गंभीर समस्या नहीं है कि जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़े।
राजनीतिक व प्रशासनिक रूप से भी गांव (Kalwan Sheetla Mata Mandir) की कई महान हस्तियां
धार्मिक रूप से तो गांव ने अपनी अलग पहचान बनाई ही हुई है और साथ ही राजनीतिक व प्रशासनिक रूप से भी गांव की कई महान हस्तियां रही हैं। कुछ आज भी मौजूद है। राजनीतिक रूप से बात की जाए तो गांव से ही दो ऐसे व्यक्ति रहे हैं, जो नरवाना हलके के विधायक रह चुके हैं। इनके अलावा प्रशासनिक रूप से गांव के 3 व्यक्ति आर्मी में कर्नल के पद तक पहुंच चुके हैं।

- पंचायत (Kalwan Sheetla Mata Mandir) का लेखा-जोखा
- गांव की जनसंख्या-17 हजार के लगभग सााक्षरता दर-75 प्रतिशत
- जिला मुख्यालय से दूरी-70 किलोमीटर
- कनेक्टिविटी-बस की सुविधा है लेकिन रेल की खास नहीं।
- पहचान-गुरुग्राम के बाद गांव में दूसरा शीतला माता मंदिर व पक्षी विहार।
- प्रमुख स्त्रोत-कृषि व पशुपालन
गांव में बने मंदिर से गांव की पहचान-सरपंच
कालवन गांव की सरपंच कविता देवी (Kalwan village sarpanch) का कहना है कि गांव में जो शीतला माता मंदिर (Kalwan Sheetla Mata Mandir) बना हुआ है, उससे ही गांव की पहचान बनी हुई है। बताया जाता है कि गुरुग्राम में बने शीतला माता मंदिर के बाद हरियाणा में कालवन में शीतला माता का मंदिर बना हुआ है। यह करीब तीन सौ साल पुराना है। गांव पंजाब की सीमा से सटे होने के कारण पंजाब के श्रद्वालुओं में भी मंदिर के प्रति गहरी आस्था है। साल में एक बार लगने वाले मेले में काफी संख्या में श्रद्वालुओं का जमावड़ा लगता है। मंदिर के अलावा पक्षी विहार और एक तीर्थ, जिन्होंंने गांव को अलग पहचान दिलवाई हुई है।








